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‘अच्छे दिन’ के वायदे के बाद लोगों को धोखा नहीं दे सकती भाजपा: शिवसेना

शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने आज अपनी सहयोगी पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि ‘अच्छे दिन’ का वायदा कर केंद्र में भाजपा के सत्ता में आने के सिवाय जमीनी हकीकत जस की तस ही बनी हुई है..

Author July 23, 2015 2:14 PM
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (PTI File Photo)

शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने आज अपनी सहयोगी पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि ‘अच्छे दिन’ का वायदा कर केंद्र में भाजपा के सत्ता में आने के सिवाय जमीनी हकीकत जस की तस ही बनी हुई है।

शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में उद्धव ने एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘हालांकि पहले की सरकार ने जो गंदगी फैलाई है उसे साफ करने के लिए तो 50 साल भी काफी नहीं हैं। लेकिन लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अगले पांच वर्षों में काफी कुछ करना ही होगा। आपने (भाजपा ने) लोगों से ‘अच्छे दिन’ का वायदा किया था और इसलिए आप उन्हें धोखा नहीं दे सकते हैं।’’

एक प्रश्न के जवाब में ठाकरे ने कहा कि केंद्र और राज्य में सरकारें बदल जाने के बावजूद ‘‘जमीनी’’ स्तर पर कुछ नहीं बदला है। उन्होंने कहा, ‘‘हर सुबह जब हम पढ़ने के लिए अखबार खोलते हैं तो हम वही खबरें पढ़ते हैं जिनसे कभी हम उकता चुके थे, तब हमारे दिमाग में जो विचार आता है, वह यही होता है कि हमने इससे पहले भी इसी तरह की खबर पढ़ी थी। चाहे वह किसानों की आत्महत्या हो, या बेरोजगार नौजवानों का प्रदर्शन, या फिर महिलाओं के खिलाफ अपराध।’’

कश्मीर में पाकिस्तानी झंडे लहराए जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर उद्धव ने कहा, ‘‘लंबे समय से ऐसा होते हुए देखा नहीं है, बहुत दिनों बाद ऐसा देखा है।’’

एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने जम्मू कश्मीर में भाजपा के पीडीपी के साथ गठजोड़ के बाद उसमें आई तब्दीलियों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, ‘‘हम क्या कर सकते हैं? यह बहुत चौंकाने वाला है। मेरा किसी से व्यक्तिगत झगड़ा नहीं है लेकिन मुफ्ती मोहम्मद सईद को लेकर आपके विचार (चुनाव से पहले) क्या थे? आप उनकी राजनीतिक शैली को कैसे भूल सकते हैं? यदि कश्मीर प्रगति करता है तो यह अच्छा है। लेकिन सुधार लाने का मतलब यह नहीं है कि राज्य को बड़ा वित्तीय पैकेज दे दिया जाए। वहां के लोगों की भावना भारत के साथ आने की होनी चाहिए।’’

शिवसेना प्रमुख ने किसानों को कर्जमुक्त करने के अपने रुख को भी दोहराया और कहा कि उन्हें आर्थिक रूप से बेहतर होना होगा ताकि भविष्य में जब भी उन्हें नया कर्ज लेने की इच्छा हो तो वे इसे ले सकें।

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