ताज़ा खबर
 

GST पास कराने को जेटली ने की कांग्रेस नेताओं से मीटिंग, मानसून सत्र में आ सकते हैं साथ

मानसून सत्र में जीएसटी को पास कराने के लिए वित्‍त मंत्री अरुण जेटली और संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने राज्‍य सभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद से मुलाकात की।

Author नई दिल्‍ली | July 16, 2016 11:37 AM
वित्‍त मंत्री अरुण जेटली और संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार। (PTI File Photo)

आगामी मानसून सत्र में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्‍स(जीएसटी) को पास कराने के लिए वित्‍त मंत्री अरुण जेटली और संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने राज्‍य सभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद से मुलाकात की। इस दौरान जीएसटी पर सहमति बनाने पर चर्चा हुई। हालांकि इसमें कोर्इ सफलता नहीं मिली लेकिन दोनों पक्षों ने तय किया कि फिर से बैठक की जाएगी। माना जा रहा है कि यह बैठक मंगलवार को हो सकती है।

बैठक के दौरान गुलाम नबी आजाद और राज्‍य सभा में कांग्रेस दल के उपनेता आनंद शर्मा ने जेटली को प्रस्‍ताव और नोट दिए। एक घंटे तक चली बैठक में तय किया गया कि अपने-अपने नेतृत्‍व से बात करने के बाद वे फिर से मिलेंगे। जेटली ने बताया कि सरकार जीएसटी पर आम सहमति बनाने की कोशिश कर रही है। उन्‍होंने कहा, ”हमने सभी मुद्दों पर चर्चा की और एक बार मानसून सत्र शुरू होने के बाद हमारी पार्टियों से बात करने के बाद हम फिर से मिलेंगे।”

नरेंद्र मोदी की मददगार साबित हुईं प्रियंका गांधी, राहुल को GST बिल पास कराने के लिए मनाया?

आजाद ने भी इस पर सहमति जताई। उन्‍होंने कहा, ”हमने हमारा रूख साफ किया और उन्‍होंने अपनी बात रखी। जो कुछ भी सुझाव और शंकाएं थी वे उनके सामने रखी। अब हम हमारे केंद्रीय नेतृत्‍व के पास जाएंगे। इसके बाद संसद सत्र के दौरान दोबारा मिलेंगे।” वहीं आनंद शर्मा ने बताया कि यह आजाद और सीधी बातचीत थी। दोनों ने एक दूसरे के तर्कों को समझा और दूसरी मुलाकात में इस पर सब कुछ साफ हो जाएगा।

GST पर ढीली पड़ रही कांग्रेस की अकड़, पार्टी के अंदर कुछ नेताओं ने भी किया विरोध

जीएसटी के मुद्दे पर केंद्र सरकार ने दूसरी बार कांग्रेस से चर्चा करने की पहल की। इससे पहले नवंबर 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। कांग्रेस इस बिल में तीन बदलावों की मांग कर रही है और इसमें टैक्‍स की दर 18 प्रतिशत तक ही रखने की मांग भी शामिल है। लेकिन कांग्रेस और भाजपा के आपसी रिश्‍तों के चलते भी बात नहीं बन पार्इ। कांग्रेस का मानना है कि जब वह सत्‍ता में थी तब भाजपा ने भी हंगामा कर उसके कई बिलों को लटकाया था। लेकिन अब भाजपा को उम्‍मीद जगी है कि जीएसटी को पास करा लिया जाएगा।

केरल की कम्‍युनिस्‍ट सरकार के वित्‍त मंत्री का GST को सपोर्ट, बोले- बिल की राह में नहीं बनेंगे बाधा

भाजपा का मानना है कि कांग्रेस नहीं चाहेगी कि इस बिल के पास होने में केवल वहीं रोड़ा बने। इस बिल से उसके और उसके साथियों के शासन वाले राज्‍यों को भी फायदा होगा। दूसरा कारण है कि गैर कांग्रेसी, गैर भाजपाई शासन वाले राज्‍य भी इस बिल के समर्थन में हैं। बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, बिहार सीएम नीतीश कुमार और केरल सीएम पिनारायी विजयन इसका समर्थन कर चुके हैं। कारोबारी भी चाहते हैं कि देश में एक ही टैक्‍स प्रणाली हो। कांग्रेस नहीं चाहती है कि उसकी छवि एंटी कॉर्पोरेट की बने।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App