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ये कहीं साइबेरिया भेजने जैसा तो नहीं, EAM एस जयशंकर को बेंगलुरु रूरल का जिम्मा देने पर बीजेपी के पूर्व सांसद का तंज

EAM एस जयशंकर को बेंगलुरु रूरल का जिम्मा दिया गया। जिसको लेकर भाजपा के पूर्व सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने तंज कसा है।

ये कहीं साइबेरिया भेजने जैसा तो नहीं, EAM एस जयशंकर को बेंगलुरु रूरल का जिम्मा देने पर बीजेपी के पूर्व सांसद का तंज
बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस)

भाजपा के पूर्व सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी हमेशा अपनी मुखर शैली के लिए जाने जाते हैं। इस बार उन्होंने EAM एस जयशंकर को लेकर बीजेपी पर तंज कसा है। दरअसल, बीजेपी ने EAM एस जयशंकर को बेंगलुरु रूरल का जिम्मा दिया है।

सुब्रह्मण्यम स्वामी ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘भाजपा ने बेंगलुरू ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र को EAM जयशंकर का प्रभार क्यों सौंपा है? क्या यह साइबेरिया भेजे जाने की सोवियत संघ शैली है।

वहीं 14 अगस्त, 2022 को भी पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा था कि इस बार वह 15 अगस्त के मौके पर देश से क्या वायदे करेंगे? स्वामी ने ट्वीट के जरिए कहा था कि पीएम मोदी दो करोड़ रोजगार और सबको पक्का घर कब देंगे।

स्वामी ने ट्वीट कर लिखा, “2017 में अपने भाषण में पीएम मोदी ने 2022 के 15 अगस्त तक हासिल करने के लिए निम्नलिखित वादे किए थे, जिसमें 2 करोड़ नई नौकरियां हर साल, सभी के लिए आवास, किसानों की आय दोगुनी करना और बुलेट ट्रेन। हुआ है? वह इस साल 15 अगस्त के भाषण में क्या वादा करने जा रहे हैं?”

दरअसल, पांच साल पहले पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से कहा था कि सरकार ने लक्ष्य रखा है कि 2022 तक देश में हर परिवार के पास अपना आवास होगा। इसके साथ ही पीएम मोदी ने किसानों की आय भी दोगनी करने का लक्ष्य रखा था। पीएम मोदी के विरोधी भी उनके इस वायदे को लेकर सरकार पर निशाना साधते रहते हैं।

भारत में अगले साल जी-20 सम्मेलन होना है। इसके लिए पहले कहा जा रहा था कि यह सम्मेलन जम्मू-कश्मीर में आयोजित होगा, लेकिन बाद जानकारी दी गई कि जी-20 सम्मेलन श्रीनगर के बजाय दिल्ली में होगा। यह जानकारी सामने आने के बाद स्वामी ने अपनी केंद्र की मोदी सरकार पर तंज कसा था।

स्वामी ने कहा था कि पाक और चीन से 54 इंच का सीना डर गया। उन्होंने ट्वीट कर कहा- “जी-20 मीट पर मोदी सरकार ने कमर कस ली है। पहले यह घोषणा की गई थी कि यह जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आयोजित किया जाएगा। फिर चीन-पाकिस्तान ने विरोध कर दिया। अब मोदी सरकार ने पलटी मारी और अब दिल्ली में G-20 बैठक आयोजित करने का फैसला किया है- प्रगति मैदान हो सकता है। 54″ छाती !!”

बता दें, बीजेपी नेता स्वामी अक्सर मोदी सरकार की आर्थिक और विदेश नीति को लेकर अक्सर सवाल उठाते रहे हैं। चीन के अरुणाचल प्रदेश में हुए संघर्ष को लेकर भी बीजेपी नेता ने केंद्र को आड़े हाथ लिया था। साथ ही सरकार से कई सवाल भी पूछे थे।

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