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सर्वेः अभी हों LS चुनाव तो लगेगा BJP और NDA को झटका! Congress को भी होगा सीटों का नुकसान, जानें किसे कितनी सीटें

मूड ऑफ द नेशनल सर्वे के मुताबिक, जहां देश की दो प्रमुख पार्टियों को इस वक्त चुनाव में नुकसान हो सकता है, वहीं अन्य दलों को फायदा मिलेगा।

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: August 9, 2020 9:59 PM
भाजपा को 2019 के लोकसभा चुनाव में 303 सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस की 52 सीटों पर जीत हुई थी। (एक्सप्रेस फोटो)

देश में अगर अभी चुनाव हों तो केंद्र में शासन कर रही एनडीए सरकार को नुकसान होगा। इतना ही नहीं पार्टी के तौर पर भाजपा भी कुछ सीटें गवाएंगी। पिछले साल ही हुए लोकसभा चुनाव में एनडीए को कुल 353 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि भाजपा ने भी अकेले दम पर 303 सीटें हासिल कीं। लेकिन इस वक्त अगर चुनाव हों, तो भाजपा 283 सीटों पर आ जाएगी, यानी कुल 20 सीटों का नुकसान, जबकि एनडीए की सीटें 316 पर रह जाएगी। यानी उसे कुल 37 सीटों का नुकसान होगा।

यह आंकड़े इसलिए भी चौंकाने वाले हैं, क्योंकि देश में अगले प्रधानमंत्री की दौड़ में पीएम मोदी अब भी 78 फीसदी मतों के साथ सबसे आगे हैं। इतना ही नहीं उनकी लोकप्रियता में 2016 के मुकाबले 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इनमें 30 फीसदी से लोग ऐसे थे, जो पीएम के काम को बेहतरीन मानते हैं, जबकि 48 फीसदी लोग पीएम के काम को अच्छा बताते हैं। हालांकि, मोदी की बढ़ती लोकप्रियता के बावजूद इस वक्त अगर चुनाव हों तो एनडीए-भाजपा की सीटें गिरती दिख रही हैं। हालांकि, वोट प्रतिशत में कोई खास फर्क नहीं आ रहा है।

सर्वे की एक और आश्चर्यजनक बात यह है कि सोनिया गांधी के नेतृत्व वाले यूपीए को भी कोई खास फायदा होता नहीं दिख रहा। अगर इस वक्त चुनाव हों, तो यूपीए को 93 सीटें मिलतीं, जिनमें 49 सीटें कांग्रेस की होतीं। हालांकि, कांग्रेस का वोट शेयर पिछले लोकसभा चुनाव के 19 फीसदी पर ही स्थिर रहता। बता दें कि 2019 में कांग्रेस को 52 सीटें मिली थी, जबकि यूपीए को 91 सीटें। यानी कांग्रेस को नुकसान होगा, लेकिन यूपीए दो सीटों के फायदे में रहेगी।

ये हैं एनडीए और यूपीए के घटक दल: बता दें कि एनडीए में इस वक्त अकाली दल, जेडीयू, एलजेपी, एआईएडीएमके, आजसू, अपना दल, आरएलपी, डीएमडीके, असम गढ़ परिषद सहित पूर्वोत्तर के एआईएनआरसी, बीडीजेएस, बीपीएफ, केईसी, एनडीपीपी और एनपीएफ जैसी पार्टियां हैं। जबकि यूपीए में डीएमके, आरएलडी, एनसीपी, जेएमएम, जेडीएस, जेवीएम, आईयूएमएल, नेशनल कॉफ्रेंस, आरएलएसपी सहित कई अन्य छोटे दल शामिल हैं।

अन्य दलों के खाते में 45 फीसदी वोटों का अनुमान: सर्वे में कहा गया है कि अगर इस वक्त देश में चुनाव हो जाएं, तो एनडीए और यूपीए से अलग चुनाव लड़ने वाले दलों को मिलकर 31 फीसदी वोट और 134 सीटें मिल सकती हैं। इन दलों में सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, पीडीपी, एयूडीएफ, आरएलडी, टीआरएस, बीजेडी, वाईएसआर कांग्रेस, टीडीपी सहित तमाम वामपंथी दल शामिल हैं। अगर एनडीए में भाजपा के साथी और यूपीए में कांग्रेस के साथी दलों को भी इसमें जोड़ दिया जाए, तो संयुक्त रूप से अन्य दलों को 45 फीसदी वोट और 211 सीट मिल सकती हैं।

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