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एक साथ हों सभी चुनाव: पीएम मोदी के आइडिया को नीतीश कुमार ने यूं दिया झटका

पटना में आयोजित पार्टी की इंटरनल कांफ्रेंस के दौरान नीतीश कुमार ने कहा "विधानसभा चुनाव अपने समय पर साल 2020 में अक्टूबर-नवंबर में ही होंगे और जैसा कि मीडिया में अफवाह है कि अगले साल चुनाव आयोजित किए जाएंगे तो ऐसा नहीं होगा।"

Nitish Kumar, Nitish Kumar says, Nitish Kumar statement, Women Reservation, Women Reservation in politics, Women Empowerment, nitish on Women Empowerment, Reservation is Essential, State newsबिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। (File Photo)

बीजेपी के गठबंधन वाली बिहार सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने देश में एक साथ सभी चुनाव होने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आइडिया पर पानी फेर दिया है। नीतीश कुमार का कहना है कि राज्य चुनाव और लोकसभा चुनाव एक साथ होने की कोई संभावना नहीं है। गुजरात और कर्नाटका जैसे राज्यों के लिए एक साथ होने वाले चुनाव संभव नहीं है। एनडीटीवी के अनुसार, नीतीश कुमार की इस बात से ऐसा लगता है कि वे विपक्ष के साथ खड़े हैं जिनके साथ उन्होंने महागठबंधन की सरकार तोड़कर बीजेपी से गठबंधन कर नई सरकार बना ली थी। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों और लोकसभा चुनाव एक साथ करने का आइडिया दिया था।

प्रधानमंत्री के इस आइडिया का विपक्ष निरंतर विरोध कर रहा है। पटना में आयोजित पार्टी की इंटरनल कांफ्रेंस के दौरान नीतीश कुमार ने कहा “बिहार विधानसभा चुनाव अपने समय पर साल 2020 में अक्टूबर-नवंबर में ही होंगे और जैसा कि मीडिया में अफवाह है कि अगले साल चुनाव आयोजित किए जाएंगे तो ऐसा नहीं होगा।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर वे एक साथ चुनाव करने के आइडिया का समर्थन करते हैं तो यह संभव नहीं होगा। नीतीश ने कहा “क्या आप यह सोच सकते हैं कि जहां गुजरात में अभी चुनाव हुए हैं, वहां पर अगले साल फिर से चुनाव हों, या कर्नाटका मे जहां कुछ ही महीनों में चुनाव हैं वहां फिर से अगले साल चुनाव कैसे संभव है।”

आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और लेफ्ट जैसी पार्टियां काफी समय से एक साथ सभी चुनाव के आइडिया को लेकर बीजेपी से सवाल कर रही हैं। इतना ही नहीं विपक्षी पार्टियों का यह भी कहना है कि अगर एक साथ चुनाव होते हैं तो यह संघीय सिद्धांतों के खिलाफ होगा। वहीं पीएम मोदी पार्टियों पर इस आइडिया पर विचार करने के लिए आग्रह कर रहे हैं। यह बात उन्होंने संसद में भी उठाई थी। उनका कहना था कि अगर एक साथ सभी जगह चुनाव होते हैं तो इससे समय और पैसा दोनों की बचत होगी।

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