पश्चिम बंगाल में 4 मई को आए विधानसभा नतीजों के साथ ही राज्य में 15 साल के तृणमूल शासन का अंत हो गया। अब बंगाल में बीजेपी की नई सरकार का एजेंडा और प्राथमिकताएं काफी स्पष्ट हैं। चुनावी ‘भरोसापत्र’ में भारतीय जनता पार्टी ने ‘बंगाली मानुष’ से कई बड़े वादे किए थे। इनमें यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC), सातवां वेतन आयोग लागू करने, महिलाओं के लिए नौकरी में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना और प्रतिमाह 3000 रुपये की आर्थिक सहायता शामिल हैं। इसके अलावा बीजेपी ने बांग्लादेश से होने वाली घुसपैठ को रोकने का वादा भी घोषणापत्र में किया था। बीजेपी ने सरकारी कर्मचारियों के देय महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) रिलीज करने की भी घोषणा की थी।
4 मई को नतीजे आने और बंगाल में बहुमत मिलने के बाद नई दिल्ली में प्रधानमंत्र नरेंद्र मोदी ने बंगाल में केंद्र की आयुष्मान भारत योजना लागू करने और घुसपैठ रोकने की बात दोहराई। भारतीय जनता पार्टी का एजेंडा राज्य के मौजूदा कल्याणकारी मॉडल से हटकर ‘ज्यादा नौकरिया, ज्यादा निवेश (high-employment, high-investmen)’ आधारित मॉडल की ओर बदलाव का संकेत देता है जिसका उद्देश्य औद्योगिक, कृषि और शैक्षिक क्षेत्रों में बड़े सुधार करना है।
यूसीसी लागू करना और घुसपैठ रोकना
भारतीय जनता पार्टी की नई सरकार के एजेंडे में समान नागरिक संहिता (UCC) का लागू करना सबसे ऊपर है। पार्टी इसे सरकार बनने के छह महीने के भीतर लागू करने की योजना बना रही है। बीजेपी पहले ही उत्तराखंड में UCC लागू कर चुकी है और गुजरात में इससे संबंधित कानून पारित कर चुकी है।
पार्टी ने ‘लव जिहाद’ और ‘लैंड जिहाद’ के खिलाफ सख्त कानून लाने का भी वादा किया है। बीजेपी का कहना है कि इसका उद्देश्य राज्य की ‘सामाजिक और क्षेत्रीय अखंडता’ की रक्षा करना है।
बांग्लादेश से घुसपैठ का मुद्दा भी बीजेपी लंबे समय से उठाती रही है। इसी के तहत पार्टी ने घुसपैठ पर जीरो-टॉलरेंस नीति अपनाने और ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ मॉडल लागू करने की बात कही है ताकि अवैध विदेशियों की एंट्री रोकी जा सके। सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के लिए जमीन आवंटित करने का भी वादा किया गया है।
इसके अलावा, राज्य सरकार तृणमूल कांग्रेस शासन के दौरान कथित घोटालों और भ्रष्टाचार की जांच भी कर सकती है। सोमवार सुबह जैसे ही बीजेपी सीटों में बढ़त लेने लगी, नबन्ना (राज्य सचिवालय) में केंद्रीय बलों और राज्य पुलिस की तैनाती कर दी गई> मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला ने लिखित आदेश जारी कर सरकारी दफ्तरों से फाइलों के बाहर जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी।
सातवां वेतन आयोग
पश्चिम बंगाल के लगभग 10 लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगियों कई वर्षों से वेतन और भत्तों के मामले में दूसरे राज्यों से पीछे हैं। जहां पूरे देश के केंद्रीय कर्मचारी और अधिकांश राज्यों के कर्मचारी 7वें वेतन आयोग का लाभ उठा रहे हैं जबकि बंगाल के कर्मचारी अभी भी 6वें वेतन आयोग (ROPA 2019) की सीमाओं में बंधे हैं।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में सातवां वेतन आयोग सिर्फ एक आर्थिक मुद्दा नहीं बल्कि एक प्रमुख चुनावी वादा बना। गृह मंत्री अमित शाह ने बीजेपी का ‘भरोसा पत्र’ जारी करते समय कहा कि अगर राज्य में उनकी पार्टी की सरकार बनती है तो राज्य में 45 दिन में सातवां वेतन आयोग लागू किया जाएगा।
बीजेपी ने राज्य कर्मचारियों के रुके हुए डीए को भी जारी करने का वादा किया था। बता दें कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को जहां 60% महंगाई भत्ता (DA) मिल रहा है। वहीं पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों को सिर्फ 18% DA मिलता है। अगर राज्य सरकार को DA का बकाया चुकाना पड़े तो उसे हर साल राज्य के खजाने से करीब 20,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे।
दूसरी ओर, DA बकाया की मांग को लेकर राज्य सरकारी कर्मचारियों के एक वर्ग द्वारा दायर याचिका पर चल रहे मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इस साल 5 फरवरी को कहा था कि DA का भुगतान पांचवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार किया जाए। राज्य सरकार के हलफनामे के मुताबिक, इससे सरकारी खजाने पर करीब 42,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।
महिलाओं को 3000 रुपये और रोजगार
बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में वादा किया था कि सरकार बनने पर महिलाओं को 3000 रुपये प्रति माह आर्थिक सहायता मिलेगी। इस योजना को खासतौर पर ममता बनर्जी की लक्ष्मी भंडार योजना को काउंटर करने के लिए लाया गया था। ममता बनर्जी की योजना में महिलाओं को 1,500 रुपये हर महीने मिलते हैं जबकि अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को 1700 रुपये दिए जा रहे थे।
बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में टीएमसी की तुलना में दोगुनी राशि (3000 रुपये) महिलाओं को देने का वादा किया था। इसके अलावा अगले भारतीय जनता पार्टी ने अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ नई नौकरियां और स्वरोजगार के अवसर देने का वादा किया है ताकि पलायन और ‘ब्रेन ड्रेन’ को रोका जा सके।
गौर करने वाली बात है कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ममता बनर्जी ने ‘युवा साथी’ योजना की शुरुआत की थी जिसके तहत बेरोजगार युवाओं को हर महीने 1,500 रुपये दिए जाते हैं। अब तक 80 लाख से अधिक युवा इसके लिए आवेदन कर चुके हैं।
इसके अलावा पेपर लीक और परीक्षाएं रद्द होने से प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए बीजेपी ने अधिकतम 5 साल तक की आयु सीमा में छूट देने का वादा भी किया है।
पहली कैबिनेट में आयुष्मान भारत योजना को मंजूरी
भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल में बड़ी जीत के बाद अब यह तय माना जा रहा है कि राज्य में केंद्र सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लागू की जाएगी। इस योजना के तहत गरीब परिवारों और बुजुर्गों को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलेगा।
नरेंद्र मोदी ने सोमवार शाम अपने संबोधन में कहा, ”मैं आज हर नागरिक को आश्वस्त करना चाहता हूं कि बीजेपी बंगाल के बेहतर भविष्य के लिए दिन-रात काम करेगी… पहली कैबिनेट बैठक में ही आयुष्मान भारत योजना को मंजूरी दी जाएगी।”
2018 में शुरू की गई इस योजना के तहत पश्चिम बंगाल में 1.24 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों और 70 वर्ष से ऊपर के 15.9 लाख बुजुर्गों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार करीब 3 लाख आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी इस योजना के तहत कवर किया जाएगा।
उत्तर बंगाल और दार्जिलिंग
भारतीय जनता पार्टी की नई सरकार दार्जिलिंग पहाड़ियों में गोरखालैंड आंदोलन के ‘स्थायी समाधान’ के लिए त्रिपक्षीय वार्ता शुरू कर सकती है। यह बातचीत नव-नियुक्त वार्ताकार और उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पंकज कुमार सिंह की मौजूदगी में होने की उम्मीद है।
सरकार को कुर्माली भाषा और राजबोंशी भाषा को मान्यता देने के मुद्दे पर भी विचार करना होगा क्योंकि बीजेपी को उत्तर बंगाल और आदिवासी क्षेत्रों में अच्छा समर्थन मिला है।
कृषि और ग्रामीण विकास
बीजेपी ने चुनावी घोषणापत्र में बंगाल के किसानों से भी एक खास वादा किया था। बीजेपी ने कहा था कि पीएम किसान सम्मान निधि के 6000 के अलावा राज्य की ओर से 3000 अतिरिक्त रुपये भी किसानों को मिलेंगे यानी किसानों को अब कुल 9000 रुपये सालाना मिलेंगे।
बुनियादी ढांचा
भारतीय जनता पार्टी ने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए ताजपुर और कुलपी में आधुनिक डीप-सी पोर्ट बनाने की योजना बनाई है ताकि राज्य के समुद्री व्यापार को बढ़ावा मिले और निर्यात में वृद्धि हो सके। इसके साथ ही प्रमुख नदियों पर नए पुल बनाने का भी प्रस्ताव है।
पार्टी ने सुंदरबन को सीधे दार्जिलिंग से जोड़ने के लिए एक नेशनल हाईवे बनाने का वादा किया है। साथ ही पुरुलिया एयरपोर्ट, मालदा एयरपोर्ट और बालुरघाट एयरपोर्ट को चालू कर क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी बेहतर करने की योजना है। उत्तर बंगाल में चार नए शहर विकसित करने का वादा भी किया गया है।
सांस्कृतिक संरक्षण
बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में वंदे मातरम् की ऐतिहासिक महत्व को दर्शाने के लिए एक नया संग्रहालय बनाने की बात कही है। इसके साथ ही रवींद्रनाथ टैगोर की विरासत को बढ़ावा देने के लिए टैगोर-प्रेरित सांस्कृतिक केंद्र स्थापित करने का भी वादा किया गया है।
पार्टी ने सभी शक्तिपीठ को जोड़ने के लिए शक्तिपीठ सर्किट, चैतन्य महाप्रभु के सम्मान में एक आध्यात्मिक सर्किट बनाने की योजना पेश की है। इसके अलावा गंगासागर मेला, महेश रथ, बरुनी मेला और बंदना पर्व जैसे त्योहारों को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल कराने की दिशा में प्रयास करने का भी वादा किया गया है।
