दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के फेशियल रिकग्निशन सॉफ्टवेयर ने 20 से 26 जुलाई के बीच आपराधिक रिकॉर्ड वाले 2873 लोगों की पहचान की थी, इनमें गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा का एक कथित करीबी सहयोगी भी शामिल था।
फेशियल रिकग्निशन सॉफ्टवेयर (FRS) ने 25 जुलाई को शाम करीब 4.24 बजे जंतर-मंतर पर योगेश उर्फ राजू को देखा।
हालांकि इंडियन एक्सप्रेस की पड़ताल में पता चला कि जब सिस्टम ने कथित तौर पर 27 वर्षीय योगेश की पहचान की, जबकि वह उस समय तिहाड़ जेल में बंद था। जेल रिकॉर्ड भी इस बात की पुष्टि कर रहे कि वह पिछले साल से ही हिरासत में था।
2024 में गया था जेल
जेल रिकॉर्ड के मुताबिक, वह पहली बार 17 नंबर 2024 को पहली बार जेल गया था, इसके बाद 29 नवंबर 2024 में दूसरी बार जेल गया था।
25 अपराधियों की पहचान की थी
पुलिस, जेल और कोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक, जंतर-मंतर पर FRS सिस्टम ने कम से कम 25 ऐसे लोगों की पहचान की है, जिन्हें पहले हत्या, हत्या की कोशिश, रेप और बच्चों के खिलाफ अपराध जैसे मामलों में जेल भेजा जा चुका है।

2024 में की थी जिम मालिक की हत्या
योगेश यूपी के बंदायू जिले का रहने वाला है, उसे 2024 में साउथ दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में 34 वर्षीय जिम मालिक नादिर शाह के हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया था। अफगानी मूल के नादिर शाह को उनके जिम के बाहर 12 सिंतबर 2024 के दिन गोली मारी गई थी।
मथुरा हाईवे से हुआ था गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस और यूपी पुलिस के साझा ऑपरेशन में, 17 अक्टूबर 2024 की सुबह मथुरा हाईवे पर हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। पुलिस बताया था कि गोलीबारी के दौरान उसके बाएं पैर में गोली लगी थी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा था, “सुबह 4:25 बजे एक अपाचे मोटरसाइकिल आगरा-मथुरा हाईवे की सर्विस रोड पर देखी गई। बाइक चलाने वाले की पहचान योगेश के तौर पर हुई और फिर उसे रुकने और सरेंडर करने के लिए कहा गया। लेकिन, उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।”
पुलिस ने आगे बताया था कि आरोपी के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की गई, दोनों ओर से 11 राउंड फायरिंग की गई थी। योगेश ने पुलिस पर 5 राउंड गोली चलाई थी, जबकि पुलिस ने छह राउंड फायर किए थे। कार्रवाई के दौरान योगेश के पैर में गोली लगी और वह जख्मी हो गया। फिर उसे मथुरा में जिला अस्पताल ले जाया गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने योगेश के पास के .32 बोर बंदूक, सात राउंड जिंदा कारतूस, तीन खाली खोखे और बिना नंबर प्लेट के एक बाइट बरामद की गई थी।
चीनू पहलवान के गैंग के साथ शुरू किया था काम
योगेश के नाम पांच एफआईआर दर्ज है, जिनमें से चार यूपी और एक दिल्ली के ग्रेटर कैलाश-1 में हत्या का दर्ज हैं। उसे पहली बार 2018 में यूपी के कासगंज में एक लड़के को चाकू मारने के आरोप में जेल भेजा गया था। 2022 में उसे जमानत मिला और वह दिल्ली आ गया।
अधिकारी ने बताया, “शुरुआत में उसने हाशिम बाबा के दुश्मन चीनू पहलवान के गैंग के साथ काम करना शुरू किया था। बाद में, पैसों के मसले पर उसने वह गैंग छोड़ दिया और 2023 में हाशिम बाबा के साथ जुड़ गया।”
बिश्नोई ने दी थी नादिर शाह के दोस्त को धमकी
अधिकारियों ने बताया कि बिश्नोई गैंग, जिम के मालिक नादिर शाह की दुबई में रहने वाले एक बिजनेसमैन के साथ दोस्ती से नाराज था।
मामले की जानकारी रखने वाले एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “नादिर शाह उस बिजनेसमैन के साथ कॉल सेंटर का बिजनेस करते थे। बिश्नोई ने उस बिजनेसमैन से 5 करोड़ रुपये की मांग की थी, जिसके बाद उसने मदद के लिए नादिर शाह से संपर्क किया। नादिर शाह 2018 के बाद से पुलिस के मुखबिर बन गया था और उन्होंने बिश्नोई से बातचीत करने की कोशिश की।”
अधिकारी ने आगे कहा, “हालांकि, बिश्नोई ने नादिर शाह को धमकी दी और कहा कि वे इस मामले से दूर रहें, वरना उन्हें अंजाम भुगतना होगा। सजा के तौर पर, फिरौती की मांग 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 25 करोड़ रुपये कर दी गई।”
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केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को जांच में पता चला है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कनॉट प्लेस में तैनात रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के एक जवान ने पैलेट गन से सात राउंड फायर किए थे। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
