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बिप्लब देब बने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री, दिल्ली में थे करते थे जिम ट्रेनर का काम

बिपल्ब कुमार देब का जन्म दक्षिणी त्रिपुरा के उदयपुर में हुआ है। त्रिपुरा यूनिवर्सिटी से स्नातक करने के बाद देब नई दिल्ली में आकर आरएसएस के साथ जुड़ गए। देब ने दिल्ली में जिम ट्रेनर के रुप में भी काम किया है।

Author Updated: March 9, 2018 12:28 PM
बिप्लब आरएसएस से जुड़े रहे हैं। बिप्लब कह भी चुके हैं कि वह पार्टी द्वारा दी गई कोई भी जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं। पत्रकारों से बातचीत के दौरान बिप्लब कुमार देब ने कहा कि ‘मैं कोई भी जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हूं। मैं किसी भी जिम्मेदारी से नहीं भागूंगा, लेकिन पार्टी नेतृत्व ही आखिरी निर्णय लेगा।’

पिछले 25 सालों से वामपंथियों के गढ़ रहे त्रिपुरा में भाजपा की करिश्माई जीत के बाद बिप्लब देब ने शुक्रवार (09 मार्च, 2018) को त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मंगलवार (06 मार्च) को विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना गया था। जिश्नू देब बर्मन राज्य के उप मुख्यमंत्री बनाए गए हैं। 48 वर्षीय ‘बिपल्ब कुमार देब’ का नाम सबसे आगे चल रहा था। बिप्लब कुमार देब के त्रिपुरा भाजपा अध्यक्ष पद पर रहते हुए ही भाजपा ने त्रिपुरा से मानिक सरकार को सत्ता से बेदखल किया है।  बिप्लब आरएसएस से जुड़े रहे हैं। बिप्लब पहले भी कह भी चुके हैं कि वह पार्टी द्वारा दी गई कोई भी जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं। पत्रकारों से बातचीत के दौरान बिप्लब कुमार देब ने कहा कि ‘मैं कोई भी जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हूं। मैं किसी भी जिम्मेदारी से नहीं भागूंगा, लेकिन पार्टी नेतृत्व ही आखिरी निर्णय लेगा।’

बिपल्ब कुमार देब का जन्म दक्षिणी त्रिपुरा के उदयपुर में हुआ है। त्रिपुरा यूनिवर्सिटी से स्नातक करने के बाद देब नई दिल्ली में आकर आरएसएस के साथ जुड़ गए। देब ने दिल्ली में जिम ट्रेनर के रुप में भी काम किया है। देब तब दिल्ली में ही थे, जब त्रिपुरा में भाजपा के प्रभारी सुनील देवधर राज्य के लिए किसी ऐसे चेहरे की तलाश में थे, जो तीन सालों में राज्य में पार्टी को खड़ा कर सके। सुनील देवधर ने कहा कि ‘वह पार्टी अध्यक्ष के लिए किसी नए और युवा चेहरे की तलाश में थे। जब मैं बिप्लब से नई दिल्ली में मिला तो उसने त्रिपुरा के लोगों को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। इस पर मैने उसे त्रिपुरा आकर लोगों के लिए काम करने की कहा और इस तरह बिप्लब हमारे साथ जुड़ गए।’

बिप्लब एक दयालु राजनीतिज्ञ के तौर पर जाने जाते हैं। चुनाव प्रचार के दौरान बिप्लब गरीब लोगों से जिस प्यार और अपनेपन से मिलते थे, उसकी काफी चर्चा होती है। मृदुभाषी बिप्लब कुमार देब ने जीत के बाद भाजपा के नारे ‘चलो पलटाई’ को दिए गए लोगों के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया है और कहा है कि ‘वह उन 11 पार्टी कार्यकर्ताओं की मौत को कभी नहीं भूलेंगे, जिनकी चुनावों से पूर्व प्रचार के दौरान हत्या कर दी गई थी।’ बिप्लब देब ने कहा कि ‘वह वादा करते हैं कि हाल ही में हुई 2 पत्रकारों की हत्या की भी सीबीआई जांच कराएंगे।’

बिप्लब की पत्नी नीति स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के संसद भवन कार्यालय में डिप्टी मैनेजर हैं। त्रिपुरा में जीत के बाद दिल्ली में भाजपा कार्यालय में समर्थकों से घिरी नीति ने कहा कि ‘मैं त्रिपुरा के लोगों के लिए बहुत खुश हूं। हालांकि मैं कोई राजनैतिक व्यक्ति नही हूं, लेकिन मैं त्रिपुरा में भाजपा के नारे ‘चलो पलटाई’ से काफी प्रभावित हूं।’

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