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वे ब्राह्मण हैं, अच्छे संस्कार के हैं- बिलकिस बानो केस में दोषियों की रिहाई पर बोले भाजपा विधायक

गुजरात सरकार की सिफारिश पर तीन साल की बच्ची सहित 14 बेगुनाहों के बलात्कारियों और हत्यारों को रिहा दिया गया है।

वे ब्राह्मण हैं, अच्छे संस्कार के हैं- बिलकिस बानो केस में दोषियों की रिहाई पर बोले भाजपा विधायक
(Photo credit – Facebook/CKRauljiMLA)

गुजरात सरकार की रेमिशन पॉलिसी के तहत बिलकिस बानो के गैंगरेप और उनके परिवार की हत्या करने वाले सभी 11 अपराधियों को रिहा कर दिया गया है। बलात्कारियों और हत्यारों की रिहाई के लिए गुजरात सरकार ने एक 11 सदस्यीय कमेटी बनाई थी। इस कमेटी में गोधरा से भाजपा विधायक सी. के. राउलजी भी शामिल थे।

‘वैसे भी वो ब्राह्मण लोग थे…’

दोषियों की रिहाई पर राउलजी ने कहा है कि वे सभी ब्राह्मण हैं, अच्छे संस्कार के पुरुष हैं, जेल में उनका आचरण अच्छा था। मोजो स्टोरी को दिए एक इंटरव्यू में वह कहते हैं, ”बिलकिस बानो कौन है मुझे नहीं पता था। कई बार इनोसेंट लोगों को भी फंसा दिया जाता है। पहले आकस्मिक जो कुछ हुआ… भूतकाल में जो भी हुआ… हो सकता है सजा करवाने के पीछे बद-इरादा हो। कोर्ट का जजमेंट हो या कुछ भी हो… इसमें ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं है। हमने उनके व्यवहार को देखा, वह बहुत अच्छा था। वैसे भी वो ब्राह्मण लोग थे, उनका संस्कार भी बड़ा अच्छा था।”

अदालत से सजा पाए दोषियों के लिए भाजपा विधायक कहते हैं, ”क्राइम किया या नहीं किया मुझे पता नहीं। अब कोर्ट के जजमेंट के बारे में हम कुछ नहीं कह सकते।”

कौन-कौन था कमेटी में?

2002 के गुजरात दंगे में बिलकिस बानो के साथ गैंगरेप और उनके परिवार की हत्या हुई थी। इस मामले में अदालत ने जिन 11 लोगों को दोषी पाते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई थी, उन्हें गुजरात सरकार की सिफारिश पर गोधरा जेल से रिहा कर दिया गया है। कमेटी के सदस्यों में दो भाजपा विधायक समेत कुल चार भाजपा नेता शामिल थे।

1- पंचमहल आयुक्त  सुजान मायात्रा- [ कमेटी के अध्यक्ष ]
2- पंचमहल एसपी
3- सुमन चौहान- [ कालोल से भाजपा विधायक ]
4- सी. के. राउलजी- [ गोधरा से भाजपा विधायक ]
5- मुरली मुलचंदानी – भाजपा नेता
6- स्नेहा भाटिया- [ गोधरा अध्यक्ष महिला मोर्चा भाजपा ]
7- जेल आईजी
8- जेल सुपरिटेंडेंट
9- सरकारी वकील- राकेश ठाकोर
10- गृह मंत्रालय के दो अधिकारी

ओवैसी ने कमेटी पर उठाए सवाल

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्‍तेहादुल मुसलिमीन (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कमेटी पर सवाल उठाते हुए कहा है, ”यहां सबसे तकलीफदेय बात ये है जिसे सुनकर आपको हैरत होगी कि उस रेमिशन पॉलिसी की रिव्यू कमेटी में कौन था? इनमें से एक का नाम था जनाब मूलचंदानी साहब जो गोधरा दंगो में सरकारी गवाह थे और बीजेपी के दो विधायक थे। तो आप इनसे इंसाफ की उम्मीद कैसे रखते हैं। ये तो बीजेपी के लोग हैं वो तो उनकी तारीफ करेंगे ही जिन लोगों ने बिलकिस बानो का रेप किया जो 5 महीने की गर्भवती थी।”

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