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CAA पर पल-पल बदल रहा जदयू का रुख, बिहार सरकार के मंत्री बोले- समर्थन में मतदान किया है, अपने रुख पर कायम हैं

संजय झा ने कहा, "हमारी पार्टी ने इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए विधेयक के लिए मतदान किया था कि इसमें कोई समस्याग्रस्त प्रावधान नहीं थे। इसका उद्देश्य कुछ लोगों को नागरिकता देना और किसी को भी इससे वंचित नहीं करना है।"

Author Edited By नितिन गौतम पटना | Published on: January 14, 2020 10:16 PM
बिहार के सीएम नीतीश कुमार। (फाइल फोटो)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी और प्रदेश के मंत्री संजय कुमार झा ने बिहार विधानसभा में नागरिकता संशोधन कानून (सीसीए) पर पुर्निवचार की अटकलों को निराधार बताया। उन्होंने सोमवार को कहा कि ‘जदयू ने संसद के दोनों सदनों में नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) को लेकर जो रुख अख्तियार किया था उस पर वह कायम है।’

बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने मीडिया की उन रिपोर्ट्स पर नाराजगी जताई जिनमें नीतीश कुमार द्वारा सोमवार को सदन में सीसीए को लेकर पार्टी के रुख पर पुर्निवचार करने के लिए तैयार होने की बात कही है।

झा ने कहा, “यह गलत व्याख्या है। मुख्यमंत्री के बोलने के समय हम सभी सदन के भीतर मौजूद थे। हमने लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में कैब का समर्थन किया जिससे इस विधेयक को एक अधिनियम बनने में मदद मिली। अब, यह कानून बन जाने के साथ लागू हो गया है। इसका विरोध करने या पार्टी के रुख पर पुर्निवचार करने का सवाल ही नहीं उठता।”

उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी ने इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए विधेयक के लिए मतदान किया था कि इसमें कोई समस्याग्रस्त प्रावधान नहीं थे। इसका उद्देश्य कुछ लोगों को नागरिकता देना और किसी को भी इससे वंचित नहीं करना है।”

झा ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री सदन में विपक्ष की सीएए, एनआरसी और एनपीआर पर चर्चा कराने की मांग का जवाब दे रहे थे। इसका मतलब यह नहीं है कि वह अपने पिछले रुख से पलट रहे हैं। नीतीश ने सोमवार को संसद द्वारा पारित 126 वें संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी देने के लिए बिहार विधानसभा के एकदिवसीय विशेष सत्र के दौरान एनआरसी को लेकर कहा था “एनआरसी का तो कोई सवाल ही पैदा नहीं होता”।

उन्होंने कहा कि केंद्र में राजीव गांधी की सरकार के समय असम के परिप्रेक्ष्य में एनआरसी की बात आयी थी। देशव्यापी एनआरसी की कोई बात नहीं थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस विषय पर स्थिति साफ कर दी है इसलिए एनआरसी की कुछ बात ही नहीं है।

उल्लेखनीय है कि जदयू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर सीएए का मुखर होकर विरोध कर रहे हैं। इतना ही नहीं वह बिहार में सीएए लागू नहीं होने की बात भी कह चुके हैं।

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