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Bihar Polls: अमित शाह ने कहा- भाजपा आरक्षण नीति के लिए प्रतिबद्ध

बिहार विधानसभा चुनान को अगड़ा बनाम पिछड़ा बनाने का प्रयास करने के लिए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए मौजूदा आरक्षण प्रणाली के प्रति ‘प्रतिबद्ध’ है और इसमें किसी बदलाव की योजना नहीं है।

Author पटना | October 20, 2015 9:44 AM
बिहार विधानसभा चुनान को अगड़ा बनाम पिछड़ा बनाने का प्रयास करने के लिए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए मौजूदा आरक्षण प्रणाली के प्रति ‘प्रतिबद्ध’ है और इसमें किसी बदलाव की योजना नहीं है।

बिहार विधानसभा चुनान को अगड़ा बनाम पिछड़ा बनाने का प्रयास करने के लिए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए मौजूदा आरक्षण प्रणाली के प्रति ‘प्रतिबद्ध’ है और इसमें किसी बदलाव की योजना नहीं है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी कहा कि वह दृढ़ता से वर्तमान आरक्षण नीति का समर्थन करता है जो संविधान में सन्निहित है। आरएसएस ने सरसंघचालक मोहन भागवत के बयान तो तोड़ मरोड़ कर पेश करने की निंदा की जिससे इस मुद्दे पर संगठन के विचारों के बारे में भ्रम पैदा हुआ है।

आरक्षण मुद्दे पर मोहन भागवत की टिप्पणी के कारण भाजपा को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा हालांकि पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे दूरी बना ली थी।

इसके बावजूद नीतीश और लालू इस मुद्दे को चुनावी रैलियों में पुरजोर तरीके से उठा रहे हैं और कोटा रद्द करने की आशंकाएं व्यक्त कर रहे हैं। शाह ने कहा कि उन्होंने और प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि वर्तमान आरक्षण नीति जारी रहेगी और भाजपा का इसके साथ छेड़छाड़ करने का कोई इरादा नहीं हैं।

देश में कथित ‘असहिष्णुता के माहौल’ के खिलाफ कई लेखकों द्वारा साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाए जाने के बारे में शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के दादरी में पीट पीट कर की गई एक व्यक्ति की हत्या या कर्नाटक में प्रतिष्ठित लेखक एम एम कलबुर्गी की हत्या से भाजपा का कोई लेना देना नहीं है। दोनों घटनाएं ऐसे राज्यों में हुई हैं जहां भाजपा सत्ता में नहीं है।

शाह ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना राज्य का मसला होता है इसलिए यह संबंधित राज्यों की सरकारों का मामला है। यदि लेखक पुरस्कार लौटा रहे हैं तो इसके लिए उत्तर प्रदेश और कर्नाटक सरकार जिम्मेदार हंै। शाह ने महागठबंधन के नेताओं पर विकास के एजंडे की बजाए जातिवाद और सांप्रदायिक मुद्दों के आधार पर वोट हासिल करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि बिहार चुनावों में विकास को केंद्रीय मुद्दा बनाने की राजग की कोशिश को पटरी से उतरने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विरोधियों द्वारा संवेदनशील और विभाजनकारी मुद्दे उठाकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम विकास कार्यों को तर्कसंगत परिणति तक पहुंचाना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि पहले चरण के मतदान में राजग के हिस्से में कुल 49 में से 32-34 सीटें और दूसरे चरण में 32 में से 22-24 सीटें आने की उम्मीद है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे राजग के पक्ष में निर्णायक जनादेश देने के लिए चुनाव के शेष तीन चरणों में गठबंधन के पक्ष में बड़ी संख्या में मतदान करें।

भाजपा अध्यक्ष ने बिहार के विकास में प्रधानमंत्री की रुचि को दोहराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने राज्य को 1.65 लाख करोड़ रुपए का विशेष पैकेज दिया है और 14वें वित्त आयोग ने केंद्रीय कर संसाधनों की भागीदारी में अनुपात को इस तरह से सुधार किया है कि बिहार को अगले पांच साल में अतिरिक्त दो लाख करोड़ रुपए मिलेंगे।

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