बिहार की राजनीति में बुधवार की रात काफी हलचल भरी रही। चर्चा इस बात की रही कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब पद छोड़ सकते हैं और राज्यसभा जा सकते हैं। उनकी सेहत को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जा रही थी और पिछले नवंबर में एनडीए की बड़ी जीत के बाद जब उन्होंने शपथ ली थी, तभी से ऐसे कयास लग रहे थे। अब कहा जा रहा है कि उनके बाहर निकलने की जमीन तैयार की जा रही है।
अचानक बदले हालात में बीजेपी और सहयोगी दल जनता दल (यूनाइटेड) के नेताओं ने संकेत दिए कि नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो बिहार में नए मुख्यमंत्री का रास्ता साफ हो जाएगा। सूत्रों के मुताबिक अगला मुख्यमंत्री बीजेपी का हो सकता है, हालांकि औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
राज्यसभा के कुछ सांसदों का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है, इसलिए माना जा रहा है कि नीतीश कुमार तुरंत इस्तीफा नहीं भी दें तो कुछ समय ले सकते हैं। लेकिन बुधवार देर रात जेडीयू के कई वरिष्ठ नेता और नीतीश कुमार के परिवार के लोग मुख्यमंत्री आवास पर मौजूद थे और उन्हें पद नहीं छोड़ने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे थे।
जेडीयू के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा जरूर है, लेकिन अंतिम फैसला वही लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की इच्छा के मुताबिक नीतीश के बेटे निशांत कुमार जल्द राजनीति में कदम रख सकते हैं।
गृह मंत्री अमित शाह आज पटना पहुंच रहे हैं
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के गुरुवार को पटना आने की संभावना है। वे बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा नामांकन कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। नितिन नवीन को बिहार से राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया गया है। हालांकि बीजेपी और जेडीयू की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि नीतीश कुमार राज्यसभा नामांकन के कागजों पर हस्ताक्षर कर चुके हैं।
पिछले नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (National Democratic Alliance) को 243 में से 202 सीटें मिली थीं। बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि जेडीयू को 85 सीटें मिलीं, जो पिछली बार से 42 सीट ज्यादा थीं। इस बढ़त का श्रेय काफी हद तक नीतीश कुमार को दिया गया था।
सूत्रों का कहना है कि नीतीश कुमार की गिरती सेहत ने पार्टी नेतृत्व को यह फैसला लेने के लिए मजबूर किया। एक सूत्र के मुताबिक मुख्यमंत्री गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं और आम धारणा बन रही है कि फिलहाल बिहार को नौकरशाही चला रही है।
बीजेपी नेता बोले- नए घटनाक्रम से पार्टी को फायदा होगा
बीजेपी के एक नेता ने माना कि चुनाव के महज तीन महीने बाद अगर नीतीश पद छोड़ते हैं तो यह राजनीतिक तौर पर थोड़ा अटपटा लगेगा, लेकिन इससे एनडीए और राज्य सरकार को फायदा होगा। उनका कहना था कि राज्य सरकार के पास लगभग पांच साल का समय है और लोकसभा चुनाव में भी तीन साल बाकी हैं, इसलिए एक सक्रिय और तेज सरकार की जरूरत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बदलाव की प्रक्रिया आसान और शांतिपूर्ण होगी।
विपक्ष ने इस चर्चा पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा कि उन्हें नहीं लगता ऐसा होगा, लेकिन अगर हुआ तो यह जेडीयू के लिए भारी रात साबित होगी। वे बोले- यह वेनेजुएला के लीडर के किडनैपिंग जैसा है।
एनडीए सूत्रों के मुताबिक संभावित मुख्यमंत्री चेहरों में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा के अलावा उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल और दीघा से बीजेपी विधायक संजीव चौरसिया के नाम चर्चा में हैं। जेडीयू की ओर से विजय कुमार चौधरी और निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाए जाने की भी चर्चा है। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय का नाम भी मुख्यमंत्री पद की संभावित दौड़ में बताया जा रहा है।
राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा हैरानी इस बात को लेकर है कि यह सब उस समय हो रहा है जब चार राज्यों में चुनाव की अधिसूचना जारी होने वाली है। बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार की प्रशासनिक पकड़ मजबूत मानी जाती रही है। पिछले चुनाव में उन्होंने महिला मतदाताओं के बीच अपनी लोकप्रियता और बिहार में बदलाव के चेहरे की छवि के दम पर प्रचार किया था।
एनडीए के एक नेता के मुताबिक शुरुआत में चर्चा थी कि निशांत कुमार को राज्यसभा भेजा जाए, लेकिन उन्होंने बिहार से ही राजनीति शुरू करने की इच्छा जताई। इसके बाद बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने नीतीश कुमार को राज्यसभा जाने और अपनी पसंद के उत्तराधिकारी को आगे करने की सलाह दी। बताया जाता है कि नीतीश इस पर राजी हो गए, हालांकि पार्टी के कुछ नेताओं को यह फैसला पसंद नहीं आया।
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। सूत्रों ने यह जानकारी दी है। इससे यह संकेत मिलता है कि बिहार में नया मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। सूत्रों ने बताया है कि जेडीयू के अध्यक्ष नीतीश कुमार बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहेंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक
