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बिहारः शराबबंदी के बीच BJP अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मंत्री सहित 5 के घर से मिली दारू, सभी अरेस्ट

छापेमारी के बाद पुलिस ने भाजपा नेता, उसके बेटे समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया और मामला दर्ज कर लिया। पुलिस को छापेमारी के दौरान शकील अहमद के घर के बाहर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की पट्टी भी लगी मिली।

सांकेतिक फोटो ( क्रेडिट – एक्सप्रेस फोटो)

बिहार में शराबबंदी लागू है लेकिन इसके बावजूद शराब का व्यापार खूब फल-फूल रहा है। शराब माफिया अपने कारनामों से बाज नहीं आ रहे हैं। शराब माफिया के साथ ही सरकार से संबंधित लोग भी शराब का धंधा जोरों शोरों से कर रहे हैं। बिहार के मधुबनी में भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मंत्री के घर से पुलिस ने शराब बरामद किया है। पुलिस ने शराब रखने के आरोप में भाजपा नेता सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार मधुबनी पुलिस को ख़ुफ़िया सूचना मिली कि एक व्यक्ति स्टेशन रोड के एक मकान में बाइक से शराब की डिलीवरी करने आया है। जिसके बाद पुलिस स्टेशन रोड में उस मकान के पास पहुंच गई। पुलिस को देखते ही बाइक सवार शख्स भागने लगा। हालांकि पुलिस के जवानों ने उसको दबोच लिया। पुलिस ने शराब तस्करी में शामिल शख्स की पहचान भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मंत्री शकील अहमद के बेटे आसिफ इक़बाल के रूप में की।

पुलिस के द्वारा पकड़े जाने पर आसिफ इक़बाल ने यह कबूल किया कि वो और उसके पिता भाजपा नेता शकील अहमद कई जगहों पर शराब की होम डिलीवरी करते हैं। पुलिस ने इसके बाद भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारी के घर की भी छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 50 लीटर से ज्यादा नेपाली शराब बरामद की।

 

छापेमारी के बाद पुलिस ने भाजपा नेता, उसके बेटे समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया और मामला दर्ज कर लिया। पुलिस को छापेमारी के दौरान शकील अहमद के घर के बाहर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की पट्टी भी लगी मिली। मामला उछलने के बाद भाजपा की मधुबनी इकाई ने शकील अहमद को पार्टी से निकाल दिया है। हालांकि अभी तक भाजपा की राज्य इकाई ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

 

बिहार में भले ही 2016 से शराबबंदी लागू है लेकिन आंकड़े और पुलिस के द्वारा जब्त की गई शराब कुछ और ही गवाही दे रहे हैं। पिछले पांच सालों में कई लाख लीटर शराब पुलिस के द्वारा बरामद की गई है और इसमें शामिल कई पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की गई है। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा से यह मानते हैं कि बिहार में शराबबंदी का सकारात्मक असर पड़ा है और इससे समाज में काफी बदलाव भी हो रहा है। 

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