बिहार की राजधानी पटना में 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर छात्र आज गांधी मैदान से राजभवन तक मार्च कर रहे हैं। अपनी मांग को लेकर राजभवन की ओर मार्च करते समय पुलिस और छात्र आमने-सामने आ गए।

राजभवन की ओर बढ़ते हुए छात्रों ने पुलिस की लगाए गए बैरिकेड्स तोड़ दिए। पुलिस ने छात्रों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया है, लेकिन छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं है। साथ ही पुलिस ने बेकाबू छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया है। प्रदर्शन कर रहे कुछ पूर्व छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

मुख्यमंत्री में हमारी क्रांति को रोकने की ताकत नहीं- प्रदर्शनकारी

एक प्रदर्शनकारी छात्रा ने कहा, “हम मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने गए थे, जहाँ उन्होंने हमें रोकने की कोशिश की। लेकिन उनमें हमारी क्रांति को रोकने की ताकत नहीं है। क्रांति जिंदाबाद!”

भाजपा के गुंडों ने मुझे गिरफ्तार कर लिया- प्रदर्शनकारी

हिरासत में ली गई एक प्रदर्शनकारी छात्रा ने कहा, “मैं भी एक पूर्व छात्र नेता रही हूं और हमेशा छात्रों के लिए आवाज़ उठाई है। नौ दिन पहले, BPSC से जुड़े विरोध-प्रदर्शन के दौरान मुझे जेल भेज दिया गया था। मुझे हजारों बार हिरासत में लिया गया है और मेरे खिलाफ कम से कम 10 मामले दर्ज हैं। BJP सरकार हमसे निजी दुश्मनी निकाल रही है। जब बांकीपुर में चुनाव हो रहे थे, तब BJP के गुंडों ने मुझ पर हमला किया था। अब, भाजपा के गुंडों ने मुझे गिरफ्तार कर लिया है। हम छात्रों के लिए लड़ रहे हैं।”

एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, “डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद नियम बदल दिए गए। अगर नियम बदलने ही थे, तो भर्ती के समय ही नोटिफिकेशन जारी किया जाना चाहिए था। संबंधित अधिकारियों ने हमारे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद नियम बदले और फिर हमें हटा दिया।”

कांग्रेस पार्टी के सुशील कुमार ने कहा, “हम साफ तौर पर कहना चाहते हैं कि TRE 4.0 के लिए हर हाल में सिंगल-स्टेज परीक्षा लागू होनी चाहिए और नेगेटिव मार्किंग खत्म की जानी चाहिए। BPSC, BSSC, सब-इंस्पेक्टर भर्ती से जुड़े कई और मुद्दे भी हैं। सरकार ने इनमें से किसी भी बात पर कोई भरोसा नहीं दिलाया है। हमने मुख्यमंत्री से बातचीत करने का आग्रह किया है; उन्हें हमारे प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाना चाहिए। हम नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, फिर भी कोई हमारी बात सुनने को तैयार नहीं है। जरा सोचिए- अगर सरकार ने बातचीत की होती, तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती। हम मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे हैं; मुख्यमंत्री को बातचीत करनी चाहिए, और हमारा प्रतिनिधिमंडल चर्चा के लिए वहां जाएगा।”

प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने देंगे- डीएसपी

DSP कामाख्या नारायण सिंह ने मार्च से पहले कहा था, “हम उन्हें रोकेंगे; हम उन्हें आगे नहीं बढ़ने देंगे। हालांकि, बातचीत सकारात्मक रही है और हमें उम्मीद है कि छात्र मान जाएंगे। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के सामने कई मुद्दे उठाए हैं और नतीजा सकारात्मक रहा है। इसलिए, मुझे उम्मीद है कि भीड़ कम होगी और वे मान जाएंगे। अगर वे नहीं मानते हैं, तो हम उन्हें यहीं रोक देंगे। हम उन्हें प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने देंगे।”