नरेंद्र मोदी को मानव बम बन उड़ाने की थी साज़िश: बम बनाने का उस्ताद है हैदर उर्फ ब्लैक ब्यूटी, पेड़ में जैकेट टांग रिमोट से उड़ा कर किया था ट्रायल

बिहार के गांधी मैदान में 2013 में हुए सिलसिलेवार धमाकों में कुल 6 लोगों की मौत हुई थी और 89 लोग घायल हुए थे। इस मामले में NIA की विशेष अदालत ने ठीक आठ साल बाद अपना फैसला सुनाया है।

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गांधी मैदान में हुए बम धमाकों में नरेंद्र मोदी आंतकियों के निशाने पर थे(फोटो सोर्स : फाइल/ANI)।

2013 में पटना के गांधी मैदान में भाजपा की हुंकार रैली में सिलसिलेवार बम ब्लास्ट हुए थे। इस मामले में 27 अक्टूबर को पटना की NIA कोर्ट ने 10 में से 9 आरोपियों को दोषी करार दिया है। वहीं एक आरोपी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। बता दें कि जिस वक्त ब्लास्ट हुआ था उस वक्त तत्कालीन एनडीए के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी अपना भाषण दे रहे थे।

बता दें कि इन धमाकों में आतंकियों के निशाने पर नरेंद्र मोदी थे और उन्हें मानव बम से उड़ाने की प्लानिंग थी। आतंकियों ने इसकी पूरी तैयारी कर रखी थी। इस प्लानिंग में बम से लैस जैकेट को पहनकर आतंकियों का नरेंद्र मोदी के पास जाना और उन्हें उड़ा देना शामिल था। इसके लिए रांची में ध्रुवा डैम के पास सिथियो गांव में दो बार मानव बम का ट्रायल भी किया गया था।

ट्रायल के दौरान आतंकियों ने चमड़े का जैकेट बनाकर उसमें बम लगाया था। इसके बाद उसे खजूर के पेड़ में लटका दिया था। इसके बाद दो बार रिमोट का बटन दबाकर जैकेट को उड़ाने का ट्रायल किया गया था। हालांकि आतंकियों की यह कोशिश सफल नहीं हो पाई और 27 अक्टूबर 2013 को गांधी मैदान में ब्लास्ट की प्लानिंग अंतिम समय में बदलनी पड़ी।

बता दें कि इस मामले में हैदर अली, मुजीबुल्लाह, अंसारी नुमान, अंसारी उमर सिद्दीकी, अजहरुद्दीन कुरैशी, फखरुद्दीन, अहमद हुसैन, इम्तियाज अंसारी, इफ्तेखार आलम और फिरोज असलम को गिरफ्तार किया गया था। जिसमें झारखंड का रहने वाला हैदर अली उर्फ ब्लैक ब्यूटी बम बनाने में माहिर है। ये आतंकी जिहाद के नाम पर झारखंड और छत्तीसगढ़ की जंगलों में मीटिंग करते थे। जिसमें सिमी के लोग शामिल हुए थे।

बता दें कि इस मामले में दोषी करार दिए गये लोगों की सजा पर अदालत एक नवंबर को फैसला देगी। गौरतलब है कि सिलसिलेवार हुए इन धमाकों में कुल 6 लोगों की मौत हुई थी और 89 लोग घायल हुए थे। इस घटना के ठीक 8 साल बाद अब NIA की विशेष अदालत ने अपना फैसला सुनाया है।

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