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आगजनी रोकने के लिए नीतीश सरकार का फरमान- खाना पकाने के लिए चूल्‍हा जलाया तो होगी जेल, हवन पर भी बैन

नीतीश सरकार का इस फरमान के पीछे तर्क है कि तेज हवा की वजह से आग की चिंगारियां एक जगह से दूसरी जगह पहुंच जाती हैं।

Author पटना | Updated: April 28, 2016 3:34 PM
बिहार के दरभंगा जिले में आग लगने से 700 घर जलकर राख हो गए थे।

बिहार में भीषण गर्मी के दौरान आग लगने से पिछले दो सप्ताह में अब तक 66 लोगों और 1,200 जानवरों की मौत हो गई। राज्य सरकार ने आग पर काबू पाने के लिए एक अजीब नियम लागू किया है। सरकार ने गर्मियों में चूल्हा ना जलाने का फरमान जारी किया है। गर्मियों में सुबह 9 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक कुकिंग करने पर रोक लगा दी गई है। अगर कोई इस नियम का उल्लंघन करता है तो उसे दो साल तक की जेल हो सकती है। इसके पीछे नीतीश सरकार का तर्क है कि तेज चलने वाली हवा की वजह से आग की चिंगारियां एक जगह से दूसरी जगह पहुंच जाती हैं।इसके साथ ही सरकार ने धार्मिक समारोह में हवन जैसे रीति-रिवाजों पर भी रोक लगा दी है।

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बिहार सरकार के एक अधिकारी का कहना है, ‘मुद्दा यह है कि सैंकड़ों की जान खतरे में हैं। यह आदेश आग कैसे शुरू होती है इस पर सर्वे करने के बाद ही दिया गया है। जेल की सजा डिजास्टर मैनेजमेंट के कानूनों के हिसाब से तय की गई है।’

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बिहार के जहानाबाद के एक गांव में रहने वाले सतेंद्र की झोपड़ी भी आग में जलकर राख हो गई थी। सतेंद्र कहते हैं कि यह सुनने में तो अच्छा लगता है, लेकिन मैं हैरान हूं कि इसका कितने लोग पालन करेंगे। इस आदेश का पालन करने के पीछे व्यावहारिक दिक्कतें हैं।

पुलिस का कहना है कि इस तरह के कानून को लागू करना मुश्किल है, लेकिन सजा के डर की वजह से गांव वाले इसका पालन अपने आप करने लगेंगे।

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