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90 बच्चों की मौत पर जब तीन-तीन मंत्रियों को पत्रकारों ने घेरा, तब हर्षवर्धन ने जोड़ लिया हाथ

हर्षवर्धन ने कहा कि जैसे ही जानकारी मिली उन्होंने हाई लेवेल मीटिंग बुलाई और तुरंत केंद्रीय टीम भेजी। उन्होंने जागरूकता फैलाने के सवाल पर कहा कि अब यहां के लोग जागरूक हो चुके हैं और उनके जुबां पर चिमकी बीमारी के लक्षण हैं।

केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन। फोटो सोर्स – ANI

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे और बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री मंगव पांडेय रविवार (16 जून) को बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित एसकेएमसीएच के दौरे पर थे, जहां इन्सेफ्लाइटिस से जूझ रहे अधिकांश बच्चे भर्ती हैं। मंत्रियों के दौरे को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने चाक-चौबंद इंतजाम कर रखे थे लेकिन पत्रकारों ने उन्हें बताया कि हालात वैसे नहीं है, जैसी मंत्रीगण देख रहे हैं। पत्रकारों ने जब तीनों मंत्रियों से इस बारे में सवाल पूछे तो खुद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को हाथ जोड़ना पड़ा। हर्षवर्धन ने कहा कि वो फिर मुजफ्फरपुर आएंगे और एक साल के अंदर इसी अस्पताल में 100 बेड का एक नया वार्ड बनाएंगे जिसमें पेड्रियाट्रिक आईसीयू होगा। उन्होंने बताया कि आस पड़ोस के जिलों में भी पेड्रियाट्रिक आईसीयू बनाने और उसमें 10 बेड की व्यवस्था के आदेश दे दिए हैं।

जब पत्रकारों ने पूछा कि 14 दिन बाद अश्विनी चौबे क्यों आए? तो इस पर केंद्रीय राज्य मंत्री चौबे ने कहा कि इतनी छोटी बात मत करिए, जिसपर सभी पत्रकार नाराज हो उठे और पूछने लगे कि 90 मौत को आप छोटी बात कैसे कह सकते हैं। बाद में केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। टीवी9 भारतवर्ष के पत्रकार अजीत अंजुम ने कहा कि अस्पताल में न तो डॉक्टर हैं, न नर्स और न ही दवा। इस पर अस्पताल के अधीक्षक ने कहा कि उन्होंने दवा का स्टॉक दिखा दिया है।

हर्षवर्धन ने कहा कि जैसे ही जानकारी मिली उन्होंने हाई लेवेल मीटिंग बुलाई और तुरंत केंद्रीय टीम भेजी। उन्होंने जागरूकता फैलाने के सवाल पर कहा कि अब यहां के लोग जागरूक हो चुके हैं और उनके जुबां पर चिमकी बीमारी के लक्षण हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने पत्रकारों से अपील की कि जनहित को देखते हुए सभी लोग सुझाव दें। सरकार उन सुझावों पर जरूरत के मुताबिक कार्रवाई करेगी ताकि बच्चों को इस बीमारी से बचाया जा सके।

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