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नीतीश कुमार के शपथ में LJP के चिराग पासवान को न्योता नहीं, विपक्ष-मुक्त रहा समारोह

दरअसल, विस चुनाव से पहले चिराग की लोजपा, NDA से अलग हो गई थी। पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ा था। लोजपा ने जद (यू) और नीतीश कुमार का विरोध किया था। हालांकि, भाजपा के प्रति उसका रुख नरम था।

Bihar, Nitish Kumar, Chirag Paswanबिहार में विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार के सोमवार शाम को आयोजित शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार किया। (फोटोः एजेंसी)

JDU चीफ नीतीश कुमार का शपथ ग्रहण समारोह विपक्ष मुक्त रहा। ऐसा इसलिए, क्योंकि तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बहिष्कार किया, जबकि महागठबंधन में सहयोगी Congress की ओर से भी कोई शामिल नहीं हुआ। वहीं, खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हनुमान बताने वाले लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) चीफ चिराग पासवान को तो न्यौता तक ही नहीं मिला।

हालांकि, चिराग ने नीतीश को सीएम बनने पर बधाई दी। साथ ही तंज भी कसा और कहा, ‘‘नीतीश कुमार को फिर से मुख्यमंत्री बनने की बधाई। आशा करता हूं सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी और आप NDA के ही मुख्यमंत्री बने रहेंगे।’’ उन्होंने आगे कहा, “चार लाख बिहारियों द्वारा बनाया गया #बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट विजन डॉक्यूमेंट आप को भेज रहा हूं ताकी उसमें से भी जो कार्य आप पूरा कर सकें, उसे पूरा कर दें। एक बार पुनः आपको मुख्यमंत्री बनने की और भारतीय जनता पार्टी को आप को मुख्यमंत्री बनाने के लिए बधाई।’’

लोजपा प्रमुख ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, बिहार में सभी नवनियुक्त मंत्रियों को ढेर सारी बधाई। आशा करता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर बिहार के सपने को नई सरकार साकार करेगी। बिहार में पीएम मोदी की बड़ी जीत हुई है। बिहार की परिस्तिथियों में बेहतर बदलाव हो यह सभी बिहारी की इच्छा है।

उधर, तेजस्वी ने ट्वीट किया, “नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री ‘मनोनीत’ होने पर शुभकामनाएं। आशा करता हूं कि कुर्सी की महत्वाकांक्षा की बजाय वो बिहार की जनाकांक्षा और NDA के 19 लाख नौकरी-रोजगार और पढ़ाई, दवाई, कमाई, सिंचाई, सुनवाई जैसे सकारात्मक मुद्दों को सरकार की प्राथमिकता बनायेंगे।” दरअसल, राजद ने भी नीतीश के नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार किया। राजद ने ट्वीट कर यह जानकारी दी थी।

राजद के ट्वीट के मुताबिक, ‘‘राजद शपथ ग्रहण का बहिष्कार करता है। बदलाव का जनादेश राजग के विरुद्ध है। जनादेश को ‘शासनादेश’ से बदल दिया गया। राजग के फर्जीवाड़े से जनता आक्रोशित है। हम जनप्रतिनिधि हैं और जनता के साथ खड़े हैं।’’ इस बीच, राज्य में विपक्षी महागठबंधन के घटक दल कांग्रेस ने भी कहा था कि वह शपथग्रहण में शामिल नहीं होगी।

दरअसल, विस चुनाव से पहले चिराग की लोजपा, NDA से अलग हो गई थी। पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ा था। लोजपा ने जद (यू) और नीतीश कुमार का विरोध किया था। हालांकि, भाजपा के प्रति उसका रुख नरम था। बता दें कि नीतीश ने सोमवार को सातवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ जद (यू) कोटे से पांच मंत्रियों और भाजपा कोटे से सात मंत्रियों ने शपथ ली। ‘हम’ पार्टी से संतोष कुमार सुमन और वीआईपी पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली।

नीतीश के शपथ ग्रहण के साथ एक ऐसे कार्यकाल की शुरुआत हुई है जिसमें जदयू पहले से कमजोर हुई है और भाजपा पहली बार अपनी क्षेत्रीय सहयोगी पार्टी से मजबूत बनकर उभरी है। बिहार विधानसभा चुनाव में राजग को 125 सीटें मिलीं हैं जिसमें नीतीश कुमार की जदयू को 43 जबकि भाजपा को जदयू से 31 सीट अधिक (74 सीट) हासिल हुईं। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)

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