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बाढ़ पीड़ितों पर SDO के सुरक्षाकर्मियों ने भांजी लाठियां तो गुस्से में टूट पड़े लोग, जान बचाकर भागे अफसर

वहीं, एसडीओ का इस मामले को लेकर कहना है कि नाथनगर और अकबरनगर के बीच दोगच्छी के नजदीक रामचन्द्रपुर नवटोलिया गांव की सड़क पर बाढ़ पीड़ित लोग पेड़ की लकड़ी का बाड़ा लगा कर आने जाने वाले वाहनों से पैसे की वसूली कर रहे थे।

सांकेतिक तस्वीर।

भागलपुर नाथनगर के आगे दुगच्छी के नजदीक सड़क पर शरण लिए बाढ़ पीड़ितों पर एसडीओ के सुरक्षा कर्मियों ने लाठी-डंडों बरसाए। इस घटना में दो लोग घायल हो गए। घटना के बाद बाढ़ पीड़ितों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान हंगामा कर रहे बाढ़ पीड़ितों ने पथराव भी किया और जिससे गाड़ी के शीशा टूट गए। जिसके बाद एसडीओ को वहां से भागना पड़ा। इस घटना में घायल दिलखुश यादव ने बताया कि विवाद तब हुआ जब भूख से बिलबिला रहे पीड़ितों ने अपने गीले अनाज को सड़क पर सूखने के लिए लकड़ी का बाड़ा लगा बिछा रखा था। एसडीओ के सुरक्षाकर्मी गाड़ी निकालने के लिए उसे हटाने का दबाव डाल रहे थे।

दरअसल,शनिवार शाम को बाढ़ का जायजा लेने आ रही केंद्रीय दल को रिसीव करने भागलपुर के एसडीओ आशीष नारायण गाड़ी से सुलतानगंज जा रहे थे। उनकी गाड़ी जाम में फंस गई। इनके सुरक्षाकर्मी इन्हें हटाने की कोशिश करने लगे। इसी में कहासुनी फिर तू-तू-मैं-मैं और हाथापाई होने लगी। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने लाठीयां भांजनी शुरू कर दी। नतीजतन दो बाढ़ पीड़ित जख्मी हो गए। इसके बाद बाढ़ पीड़ितों ने भी जमकर पत्थरबाजी की। इस घटना में तीन गार्ड भी घायल हुए हैं। सूचना पाकर सिटी डीएसपी राजवंश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच मामला शांत कराया। कहा जा रहा है कि इस विवाद के दौरान गोली भी चली है लेकिन एसडीओ ने इस बात से इनकार किया है।

वहीं, एसडीओ का इस मामले को लेकर कहना है कि नाथनगर और अकबरनगर के बीच दोगच्छी के नजदीक रामचन्द्रपुर नवटोलिया गांव की सड़क पर बाढ़ पीड़ित लोग पेड़ की लकड़ी का बाड़ा लगा कर आने जाने वाले वाहनों से पैसे की वसूली कर रहे थे। इधर से बाढ़ का जायजा लेने आ रही केंद्रीय जांच दल को रिसीव करने जाने के क्रम में लकड़ी के बाड़े को हटाने के लिए कहा। मगर वे हटाने तैयार नहीं हुए। बल्कि सरकारी गाड़ी देख नारेबाजी करने लगे। सुरक्षा गार्ड गाड़ी से उतर लकड़ी को हटाने की कोशिश की तो वे इसका विरोध करने लगे। और हाथापाई पर उतारू हो गए और मारपीट करने लगे।बाढ़ पीड़ितों को पीटते देख आसपास के ग़ांव वाले एक जुट हो एसडीओ की गाड़ी पर पथराव करने लगे। बताते है कि एसडीओ के सुरक्षाकर्मी सुमित कुमार , जितेंद्र कुमार, छोटे नारायण को भी मामूली चोटें आई है। सूचना पाकर सिटी डीएसपी, अंचलाधिकारी, बीडीओ तीन थाने की पुलिस मौके पर पहुंच एसडीओ को वहां से सुरक्षित निकाला।

पीड़ितों का कहना है कि रामचन्द्रपुर नवटोलिया के तीन सौ परिवार बाढ़ में बेघर हो सड़क पर पड़े है। ट्रक जैसे भारी वाहन चलना बंद है तो पैसे किस से वसूल रहे थे? एसडीओ का आरोप निराधार व बदनाम करने की कोशिश है। बल्कि राहत न दे पाने की अपनी नाकामी पर पर्दा डालना रहे हैं।

सिटी डीएसपी के मुताबिक इस सिलसिले में थाना नाथनगर में एफआईआर दर्ज की गई। मामले में एसडीओ के गार्ड की पिटाई से जख्मी घुटर यादव और दिलखुश यादव को नामजद किया गया है। इसके अलावा 15 अन्य लोगों का भी नाम इसमें शामिल है। घायल नामजदों को पुलिस अभिरक्षा में जवाहरलाल नेहरू भागलपुर मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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