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बिहार में चुने गए 10 फीसदी मुस्लिम विधायक, इतिहास में दूसरी बार हुआ ऐसा

झारखंड बनने के बाद पहली बार बिहार विधानसभा में 24 मुस्लिम विधायक पहुंचे हैं। इनमें आधे राजद के हैं। बाकी 11 महागठबंधन में शामिल अन्‍य दलों के हैं।

Author पटना | November 11, 2015 8:35 PM
15 साल पहले हुए चुनाव में 29 मुसलमान विधायक बने थे। इस बार चुने गए मुस्लिम विधायकों की संख्‍या 1952 के चुनाव के बराबर है। लेकिन तब बिहार एक था। झारखंड बनने के बाद सबसे ज्‍यादा मुस्लिम विधायक इसी बार विधानसभा पहुंचे हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार 24 मुसलमान विधायक जीते हैं। 2000 के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्‍या में मुस्लिम एमएलए चुने गए हैं। 15 साल पहले हुए चुनाव में 29 मुसलमान विधायक बने थे। इस बार चुने गए मुस्लिम विधायकों की संख्‍या 1952 के चुनाव के बराबर है। लेकिन तब बिहार एक था। झारखंड बनने के बाद सबसे ज्‍यादा मुस्लिम विधायक इसी बार विधानसभा पहुंचे हैं। 1952 से अब तक केवल दूसरी बार हुआ है जब विधानसभा में करीब 10 फीसदी विधायक मुस्लिम होंगे। 1985 में 325 में 34 मुस्लिम विधायक थे, जबकि इस बार 243 में से 24 हैं।

आधे मुस्लिम विधायक लालू के: 24 में से 11 मुसलमान विधायक लालू प्रसाद की पार्टी आरजेडी के हैं। बाकी 11 महागठबंधन में शामिल अन्‍य दलों के हैं। भाजपा के 53 मुस्लिम उम्‍मीदवारों में से सिर्फ एक को जीत मिली।

किस पार्टी के कितने मुस्लिम विधायक:
आरजेडी : कुल 80 में से 11 (14 प्रतिशत) विधायक मुस्लिम
कांग्रेस : कुल 27 में से 6 (22 प्रतिशत) विधायक मुस्लिम
जेडी(यू) : कुल 71 में से 5 (7 प्रतिशत) विधायक मुस्लिम
बीजेपी : कुल 53 में से 1 (2 प्रतिशत) विधायक मुस्लिम
अन्‍य : कुल 12 में से 1 (10 प्रतिशत) विधायक मुस्लिम
अन्‍य में भाकपा (माले) के महबूब आलम (बलरामपुर) से जीते हैं। इस पार्टी ने कुल तीन सीटें जीती हैं।

भाजपा ने कुल दो मुसलमानों को टिकट दिया था। इनमें से मोहम्‍मद जावेद किशनगंज की अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे। दूसरे मौजूदा विधायक सबा जफर ने अमौर में कांग्रेस के अब्‍दुल जलील के हाथों अपनी सीट गंवा दी।

सीमांचल इलाके में जहां असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी पार्टी एआईएमआईएम के छह उम्‍मीदवार उतारे थे, ज्‍यादातर सीटें जेडीयू और कांग्रेस के मुस्लिम उम्‍मीदवार ले गए। मिथिलांचल में भी महागठबंधन ने एनडीए की जड़ें उखाड़ कर फेंक दीं।

11 पासवान, 19 महादलित
नई विधानसभा में कुल 11 पासवान विधायक होंगे। लेकिन इनमें रामविलास पासवान की पार्टी एलजेपी का एक भी नहीं है। कुल 11 पासवान विधायकों में एनडीए के दो ही (बीजेपी, आरएलएसपी का) हैं। बाकी 9 महागठबंधन के हैं।

कुल 19 महादलित विधायकों में हम पार्टी से जीतन राम मांझी इकलौते हैं। भाजपा से तीन हैं। बाकी 15 महागठबंधन के हैं।

महिला विधायकों के मामले में भी आरजेडी सबसे आगे (10) है। जेडीयू की 8 महिला विधायक हैं, जबकि कांग्रेस और भाजपा 4-4 के साथ बराबरी पर हैं। एक निर्दलीय (बेबी कुमारी) को लेकर कुल 27 महिलाएं विधानसभा के लिए चुनी गई हैं।

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