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मेवालाल चौधरी के इस्तीफे के बाद तेजस्वी का सीएम नीतीश पर तंज- थक चुके हो, सोचने समझने की शक्ति क्षीण हो चुकी

नवनिर्वाचित जेडीयू विधायक डॉक्टर मेवालाल चौधरी को राज्य की तारापुर विधानसभा सीट से जीत मिली है। उन्हें पहली बार नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था।

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव। (पीटीआई फोटो)

बिहार के शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी के इस्तीफे के बाद आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जेडीयू नेता थक चुके हैं और उनकी सोचने की शक्ति भी क्षीण हो चुकी है। चौधरी ने मंत्री पद की शपथ लेने के कुछ देर बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया। मामले में एक अधिकारी ने बताया कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के वीसी के रूप में नियुक्तियों में भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करने के मद्देनजर मेवालाल चौधरी ने इस्तीफा दिया।

घटनाक्रम के तुरंत बाद तेजस्वी यादव ने दो ट्वीट किए। पहले ट्वीट में उन्होंने नीतीश सरकार को घेरते हुए लिखा- माननीय मुख्यमंत्री जी, जनादेश के माध्यम से बिहार ने हमें एक आदेश दिया है कि आपकी भ्रष्ट नीति, नीयत और नियम के खिलाफ आपको आगाह करते रहें। महज एक इस्तीफे से बात नहीं बनेगी। अभी तो 19 लाख नौकरी, संविदा और समान काम-समान वेतन जैसे अनेकों जन सरोकार के मुद्दों पर मिलेंगे।

एक अन्य ट्वीट में आरजेडी नेता ने कहा- मैंने कहा था ना आप थक चुके है इसलिए आपकी सोचने-समझने की शक्ति क्षीण हो चुकी है। जानबूझकर भ्रष्टाचारी को मंत्री बनाया। थू-थू के बावजूद पदभार ग्रहण कराया, घंटे बाद इस्तीफे का नाटक रचाया। असली गुनाहगार आप हैं। आपने मंत्री क्यों बनाया? आपका दोहरापन और नौटंकी अब चलने नहीं दी जाएगी?

गौरतलब है कि नवनिर्वाचित जेडीयू विधायक डॉक्टर मेवालाल चौधरी को राज्य की तारापुर विधानसभा सीट से जीत मिली है। उन्हें पहली बार नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। राजनीति में प्रवेश से पहले मेवालाल भागलपुर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति थे। असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति में अनियमितता के आरोपों और एफआईआर दर्ज किए जाने के मद्देनजर चौधरी को साल 2017 में नीतीश कुमार नीत जेडीयू से निलंबित कर दिया गया था।

मामला साल 2012 में असिस्टेंट प्रोफेसर और कनिष्ठ वैज्ञानिकों की नियुक्ति में कथित अनियमितता से संबंधित है। भाजपा ने भी तब चौधरी के खिलाफ मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया था जब वह महागठबंधन सरकार के समय विपक्ष में थी। (इनपुट सहित)

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