ताज़ा खबर
 

बिहारः चिता जलाने के लिए नहीं मिली सूखी जगह तो मचान पर करना पड़ा अंतिम संस्कार

गांव वालों का कहना है कि दरभंगा में बाढ़ और बारिश के हालात इस कदर भयावह हो चुके हैं कि चिता चलाने के लिए भी सूखी जमीन नहीं बची है।

बिहार की बाढ़ का एक मार्मिक दृश्य। (फोटोः ट्विटर @SonuMVj(

बिहार में बाढ़ ने जन जीवन को पूरी तरह से अस्त व्यस्त करके रख दिया है। कुशेश्वरस्थान के महिसौत गांव में एक व्यक्ति की मौत के बाद शवदाह के लिए श्मशान घाट में मचान बनाना पड़ा। इस पर उसकी चिता सजाई गई। अंतिम परिक्रमा के लिए भी महिला के बेटों ने नाव का सहारा लिया।

गांव में शिवनी यादव की लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई थी। श्मशान घाट में पानी भरा हुआ था। ऐसे में पहले तो शव जलाने के लिए किसी दूसरी जगह की खोज की गई, लेकिन गांव बाढ़ के पानी से घिरा हुआ था। इसके बाद गांव के लोगों ने श्मशान घाट में ही अंतिम संस्कार करने का फैसला किया। गांव वालों का कहना है कि दरभंगा में बाढ़ और बारिश के हालात इस कदर भयावह हो चुके हैं कि चिता चलाने के लिए भी सूखी जमीन नहीं बची है।

इसके बाद गांव वालों ने पानी में डूबे श्मशान में बांस का मचान बनाया। मचान के ऊपर आग जलाने के लिए घर में अनाज रखने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मिट्टी की बड़ी कोठी रखी गई। मिट्टी से बनी इस कोठी में शिवनी का शव रखकर उसकी चिता सजाई गई। गांव के लोगों की मदद से नाव के जरिए ही शव की अंतिम परिक्रमा की गई। इसके बाद शिवनी के बेटे रामप्रताप ने पिता को मुखाग्नि दी।

गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर में बूढ़ी गंडक खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। यहां बड़गांव में 500 से ज्यादा घर बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। गांव को बाढ़ से बचाने के लिए सरकार ने बांध बनवाया था, लेकिन पिछले साल पानी के दबाव में बांध टूट गया और भारी तबाही मची थी। इस साल बांध की ठीक से मरम्मत न होने की वजह से टूटे हुए बांध से पानी पूरे गांव में फैल गया और अब तबाही मच रही है।

गांव में शव जलाने तक के लिए जमीन न मिलने की इस घटना पर कुशेश्वरस्थान पूर्व के सीओ त्रिवेणी प्रसाद का कहना है कि बाढ़ की परिस्थिति में हम कर भी क्या सकते हैं। उनका कहना है कि ये प्राकृतिक आपदा है। इसमें सराकारी तंत्र केवत राहत कार्य ही कर सकता है। बारिश ज्यादा हो रही है। ऐसे में सिस्टम भी बेबस है।

Next Stories
1 केजरीवाल ने दी जंतर-मंतर पर किसान संसद की अनुमति, SKM बोला-चार बसों में बैठ रोजाना संसद तक जाएगा जत्था
2 इंडो अमेरिकन ने अपनी प्योर गोल्ड की फेरारी की सोशल मीडिया पर की नुमाइश तो आनंद महिंद्रा ने दी ये नसीहत
3 हरियाणाः किसान के धरने पर पहुंच पूर्व सीएम चौटाला बोले- विपक्षी सांसद 22 को कुछ ऐसा करेंगे जिससे कानून होंगे वापस
ये पढ़ा क्या?
X