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Chamki Fever Symptoms, Causes, Precautions: इन्सेफ्लाइटिस से हो रही मौत पर इस डॉक्टर ने उठाए मेडिकल सिस्टम पर सवाल, पूछा- अबतक ये जांच क्यों नहीं हुई?

Encephalitis (Chamki Fever) Symptoms, Causes, Precautions, Treatment, Prevention: डॉक्टर ने कहा कि यह भी पता करना चाहिए और रिकॉर्ड में रखना चाहिए कि जिन बच्चों की मौत हुई, उसमें कितनों ने खाना खाया था, कितनों ने नहीं खाया था और यदि खाया था तो क्या खाया था?

बिहार के मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच अस्पताल में एईएस का लक्षण दिखने के बाद भर्ती बच्चे। (Photo: PTI)

Encephalitis (Chamki Fever) Symptoms, Causes, Precautions: बिहार में एक्यूट इन्सेफ्लाइटिस सिंड्रोम (स्थानीय नाम चमकी बुखार) से सवा सौ से ज्यादा बच्चे काल के गाल में समा चुके हैं। सिर्फ मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच अस्पताल की बात करें तो वहां के अस्पताल अधीक्षक सुनिल कुमार शाही ने बुधवार को बताया कि यहां अभी तक कुल 372 बच्चे भर्ती हुए, जिनमें 93 की मौत हो गई। राज्य के अन्य इलाकों से भी चमकी बुखार से मौत की खबर सामने आयी है। इन्सेफ्लाइटिस से हो रही मौत पर डॉ. तेजस्वी ने मेडिकल सिस्टम पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अब तक ये जांच क्यों नहीं हुई।

टीवी9 भारतवर्ष के कार्यक्रम में एंकर ने डॉ. तेजस्वी से पूछा, ‘अभी तक हम पता ही नहीं कर पाए कि यह बीमारी क्या है? इस बीमारी की जड़ क्या है? इस बीमारी पर नियंत्रण कैसे पाया जाए? ये क्या स्थिति है?’ इसके जवाब में तेजस्वी ने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। पहली बात ये कि इस बीमारी के बारे में पता करने के लिए जो प्रयास तकनीकी रूप से होने चाहिए थे, वह अभी तक शुरू नहीं हुआ है। जिस तरीके से बच्चों की मौत हो रही है, उसमें साइंटिफिकली ब्रेन की बायोप्सी जरूरी होती है। ब्रेन में कहीं वायरस तो नहीं, जो पता नहीं चल पा रहा है?’

डॉक्टर ने आगे कहा, ‘जैसे एचआईवी एड्स के वायरस का खोज हुआ। रेबिज का वायरस ब्रेन में इंक्यूजन बॉडी बनाता है। ब्रेन बॉयोप्सी नहीं हुई है। बच्चों की खून की जांच नहीं हुई। सभी बच्चों की खून की सही तरीके से जांच होनी चाहिए थी ताकि पता चले कि जब वह भर्ती हुआ, उस समय उसके खून में ब्लड सुगर की लेवल क्या थी? हाइपोग्लेसिमिया कितने में आया। यूरिन और रीढ़ के पानी की जांच नहीं हुई।’

उन्होंने कहा, ‘यह भी पता करना चाहिए और रिकॉर्ड में रखना चाहिए कि जिन बच्चों की मौत हुई, उसमें कितनों ने खाना खाया था, कितनों ने नहीं खाया था और यदि खाया था तो क्या खाया था? बच्चों की पोस्टमार्टम जरूर होनी चाहिए थी। इस बीमारी में कुपोषण बहुत बड़ा कारण है। बच्चों के शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए।’

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