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बिहार: हिंदू-मुसलमान के झगड़े में गई नीतीश की पार्टी के नेता की जान, हुआ बवाल, चार गिरफ्तार

पुलिस ने शनिवार की हिंसा को लेकर आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और इसके बाद चार लोगों की गिरफ्तारी की गई। इनके ऊपर हत्या, हत्या की कोशिश, धमकी और चोट पहुंचाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

Author नई दिल्ली | February 4, 2020 8:32 AM
पुलिस ने हिंसा को लेकर आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

बिहार के शेखपुरा जिले में बीते शनिवार को सरस्वती प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाने के दौरान हिंदू और मुस्लिम के बीच झड़प हो गया था। दोनों समुदायों के बीच झड़प के दौरान जमकर पत्थरबाजी की गई थी। इस झड़प में स्थानीय जदयू नेता अमित कुमार विश्वास की मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में सोमवार को पत्थरबाजी में कथित रुप से शामिल रहने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, सरस्वती मूर्ति विसर्जन जुलूस को लेकर जा रहे लोगों और कुछ स्थानीय मुस्लिम युवाओं बीच झड़प हुई थी। झड़प के दौरान जद (यू) के शेखपुरा ब्लॉक अध्यक्ष अमित कुमार विश्वास को पथराव में चोट लगी और बाद में उनकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि इस घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने रविवार को प्रदर्शन किया। इलाके में स्थित मुस्लिम समुदाय के लोगों की दुकान में तोड़फोड़ की गई और एक धार्मिक स्थल को तोड़ दिया गया।

सोमवार को पुलिस ने शनिवार की हिंसा को लेकर आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और इसके बाद चार लोगों की गिरफ्तारी की गई। इनके ऊपर हत्या, हत्या की कोशिश, धमकी और चोट पहुंचाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

आरोपियों की पहचान इस्माइल खान, सैफुल खान, इस्तियाक खान, शहंशाह खान, अशरफ खान, आसिफ खान, अकबर खान और इरफान आलम। मुंगेर रेंज के डीआईजी मनु महाराज ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “समय पर पुलिस के हस्तक्षेप से सांप्रदायिक तनाव टल गया। हम चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रहे हैं और उन लोगों की पहचान कर रहे हैं जिन्होंने (रविवार के) विरोध प्रदर्शन में व्यक्तिगत और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है।”

बिहार में इस बार सरस्वती पूजा मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान कई जगहों से सांप्रदायिक झगड़े की खबर सामने आई है। राजधानी पटना में पटना विश्वविद्यालय के सैदपुर छात्रवास के मूर्ति विसर्जन के दौरान भी पटना कॉलेज के समीप गोलीबारी और बमबाजी की गई। इसमें पुलिस जवान सहित कुछ छात्र भी घायल हो गए। छात्रों का आरोप है कि स्थानीय मुहल्ले में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जानबूझकर ऐसा किया है। छात्रों का यह भी कहना है कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी वर्ष 2010 में मूर्ति विसर्जन के दौरान हमला हुआ था।

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