बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए उन्होंने गुरुवार को राज्य की पुलिस और संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिया कि वो समय पर सख्त कार्रवाई करें। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोग (आपराधी) किसी के नहीं होते। वैसे अपराधी जो महिला और खासकर नाबालिगों के खिलाफ अपराध करते हैं, “उसको माला पहनाने की जरूरत नहीं है, उस पर माला चढ़ाइये।”
मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी पटना में आयोजित एक-दिवसीय कार्यशाला में की। उनका यह बयान उस वक्त आया जब राज्य के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में नगर परिषद कार्यालय पर हुए हमले को लेकर उबाल है। इस मामले में एक नगर अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया।
अपराध, भ्रष्टाचार और संप्रदायिकता से समझौता नहीं
हालांकि, हमले के मुख्य आरोपी रामधनी यादव को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। बीते दिनों सिवान में भी रोड रेज का मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को पैर में गोली मारी थी। इस पर भाजपा नेता के भतीजे की हत्या से जुड़े होने का आरोप था।बैठक के दौरान सीएम सम्राट ने कहा कि अपराध, भ्रष्टाचार और संप्रदायिकता के मामलों में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। हमारी प्राथमिकता यही है कि राज्य के अंतिम पायदान पर खड़े शख्स तक हमारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे।
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध पर विशेष ध्यान देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए, तत्परता से आरोप पत्र दाखिल किए जाएं और बिना देर किए कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि इन मामलों में जल्द से जल्द आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाए। कोर्ट से स्तर से भी इसमें देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से भी आम जनता के लिए उपलब्ध रहने की अपील की। जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को यह निर्देश दिया कि वो रोजाना सुबह 10 बजे से दोपहर तक लोगों की शिकायतें सुनें और उनका निदान करने की ओर कदम बढ़ाएं। पंचायत स्तर पर हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को कैंप लगाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही शिकायतों का निदान 30 दिन के भीतर करने को कहा गया है। उन्होंने जोर देकर अधिकारियों से ससमय कार्रवाई की अपील की है।
शराबबंदी कानून को लेकर कोताही बर्दाश्त नहीं
विधि-व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून को लेकर किसी भी तरह का समझौता या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसे सख्ती से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध शराब कारोबार और नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, ऐसे कार्यों में सहयोग करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी।
उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने पर जोर दिया, जिसमें पुलिस दीदी पहल के बेहतर क्रियान्वयन की बात कही। उन्होंने ब्लॉक और सर्किल कार्यालयों व पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। साथ ही बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा रोजाना रियल-टाइम मॉनिटरिंग और समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने पुलिसिंग में तकनीक के इस्तेमाल पर भी बल दिया, जिसमें डेटा आधारित निगरानी शामिल है। साथ ही डायल 112 इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को और मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि प्रतिक्रिया समय में सुधार हो सके। बैठक में दिए गए निर्देश का कितना अनुपालन हुआ है, इसकी समीक्षा के लिए दो महीने बाद एक अन्य बैठक आयोजित की जाएगी। हालिया बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डीजी ऑपरेशंस कुंदन कृष्णन समेत जिला स्तर के अधिकारी मौजूद रहे।
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सम्राट चौधरी ने बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ लेते ही सम्राट चौधरी भारतीय जनता पार्टी के ऐसे दसवें नेता बन गए हैं जिसने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत किसी अन्य दल से की और बाद में भाजपा में शामिल होकर किसी राज्य के मुख्यमंत्री बने। पूरी खबर पढ़ें…
