ताज़ा खबर
 

नीतीश ने बढ़ाई बीजेपी की मुश्किलें, सीएम रघुवर दास के खिलाफ ताल ठोक रहे पुराने साथी के समर्थन में उतरे, कर सकते हैं चुनाव प्रचार

सरयू राय ने वर्ष 1994 में सबसे पहले पशुपालन घोटाले का भंडाफोड़ किया था। सरयू राय ने ही संयुक्त बिहार में अलकतरा घोटाले का भी भंडाफोड़ किया था।

Author Updated: November 21, 2019 2:07 PM
नीतीश कुमार की पूरी पार्टी चुनाव में बीजेपी के खिलाफ प्रचार करती नजर आ सकती है।

झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान बिहार (Bihar) के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) भारतीय जनता पार्टी (BJP) की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। बिहार में नीतीश कुमार की पार्टी जदयू (JDU) भाजपा के साथ गठबंधन में है। लेकिन अब नीतीश कुमार, झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास (Raghubar Das) के खिलाफ किस्मत आजमा रहे सरयू राय (Saryu Rai) के समर्थन में चुनाव प्रचार करते हुए नजर आ सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल युनाइटेड झारखंड में भाजपा के खिलाफ चुनाव प्रचार करती नजर आ सकती है।

यहां आपको बता दें कि इससे पहले सरयू राय रघुवार दास कैबिनेट में ही थे और झारखंड में भाजपा के बड़े चेहरे माने जा रहे थे। लेकिन पार्टी ने इस बार उन्हें टिकट नहीं दिया जिसकी वजह से नाराज होकर उन्होंने रघुवर दास के खिलाफ चुनाव में अकेले ही ताल ठोकने का फैसला किया है।

सरयू राय कभी नीतीश कुमार के कॉलेज फ्रेंड रहे हैं। लिहाजा नीतीश कुमार झारखंड चुनाव में अपने पुराने दोस्त के लिए खुले तौर पर ना सिर्फ समर्थन कर रहे हैं बल्कि उनके लिए वोट मांगते भी नजर आ सकते हैं। बीते मंगलवार (19-11-2019) को जेडीयू संसदीय पार्टी के नेता राजीव रंजन ने रांची में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि सरयू राय पार्टी में रहते हुए भी पिछले 5 सालों से लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष करते रहे हैं और इस मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद करते रहे हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब राजीव रंजन से पूछा गया कि क्या नीतीश कुमार झारखंड चुनाव में सरयू राय के समर्थन में प्रचार करेंगे? तो इस सवाल का जवाब देते हुए जदयू नेता ने कहा ‘अगर सरयू राय नीतीश कुमार से प्रचार करने का आग्रह करते हैं तो हम सभी उनसे आग्रह करेंगे कि वो उनके लिए यहां प्रचार करें…और अगर सरयू राय को हम सभी की जरुरत होगी तो पार्टी भी उनके लिए प्रचार करेगी।’

हालांकि जनता दल यूनाइटेड का जनाधार झारखंड में बहुत बड़ा नहीं है ऐसे में जदयू का सरयू राय को समर्थन एक सांकेतिक तौर पर ही माना जा रहा है। अगर जेडीयू खुले तौर पर यहां सरयू राय को समर्थन करती है तो बीजेपी की किरकिरी होनी भी तय है।

दरअसल बीजेपी साल 2014 से ही एंटी करप्शन थीम को लेकर चुनाव लड़ रही है। पत्रकार से राजनीति में आए सरयू राय भ्रष्टाचार के खिलाफ खुल कर लड़ते आए हैं। सरयू राय ने वर्ष 1994 में सबसे पहले पशुपालन घोटाले का भंडाफोड़ किया था। सरयू राय ने ही संयुक्त बिहार में अलकतरा घोटाले का भी भंडाफोड़ किया था। झारखंड में खनन घोटाले को उजागर करने में भी उनकी अहम भूमिका रही।

इधर खबर यह भी है कि राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव भी निर्दलीय किस्मत आजमा रहे सरयू राय के लिए चुनाव प्रचार करते नजर आ सकते हैं। बता दें कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने भी कुछ दिनों पहले दावा किया था कि राजद नेता तेजस्‍वी यादव उनके साथ चुनावी सभा करेंगे। बता दें कि झारखंड में 30 नवंबर को मतदान होना है। राज्य की 81 विधानसभा सीटों पर 5 चरणों में वोटिंग होगी। चुनाव परिणाम 23 दिसंबर को घोषित किये जाएंगे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 BJP मीटिंग में लड्डू नहीं बंटने पर सांसद से पूछा- अयोध्या पर फैसले का जश्न नहीं मना रहे क्या
2 सात महीने में केवल 37 फीसदी खर्च हुआ PM-KISAN का पैसा, जानिए क्या कहते हैं आंकड़ें
3 Video: प्रियंका गांधी ने जिसे बताया था अधमरा, वह अचानक लगा दौड़ने; योगी सरकार के प्रवक्ता बोले- झूठ के भागते पांव
जस्‍ट नाउ
X