ताज़ा खबर
 

‘चमकी’ से मौतों को PM नरेंद्र मोदी ने कहा ‘शर्म की बात’, गोरखपुर में मौतों को बताया था ‘प्राकृतिक आपदा’

पीएम का हालिया बयान तब आया है, जब बिहार में सत्तारूढ़ जेडी(यू) और बीजेपी के गठबंधन वाली सरकार में खटपट बढ़ने की खबर है। बीजेपी के कई नेता सीएम नीतीश कुमार पर कानून-व्यवस्था के बहाने जमकर निशाना साध रहे हैं।

Author नई दिल्ली | June 26, 2019 8:01 PM
राज्यसभा में 26 जून, 2019 को भाषण देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी। (फोटोः पीटीआई/RSTV)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में चमकी बुखार (इंसेफ्लाइटिस) से 150 से अधिक मासूमों की मौत को शर्म की बात कहा है। उनके मुताबिक, आज भी बुखार से बच्चों की मौत होना हमारी (भारत की) असफलताओं में से एक है। वहीं, दो साल पहले यूपी के गोरखपुर और आसपास करीब 175 बच्चों की मौतों को पीएम ने तब लाल किले की प्राचीर से प्राकृतिक आपदा करार दिया था। पीएम का यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब बिहार में सत्तारूढ़ जेडी(यू) और बीजेपी के गठबंधन वाली सरकार में खटपट बढ़ने की खबर है। बीजेपी के कई नेता सीएम नीतीश कुमार पर कानून-व्यवस्था के बहाने जमकर निशाना साध रहे हैं।

संसद में तोड़ी ‘चमकी’ पर चुप्पीः पीएम बुधवार (26 जून, 2019) को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर संसद के उच्च सदन राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर बोल रहे थे। एक घंटे से अधिक के भाषण के बीच में उन्होंने बिहार में इंसेफ्लाइटिस से हुई मौतों का जिक्र छेड़ा। उन्होंने कहा, “यह हम सभी के लिए ‘दुख और शर्म’ की बात है। आज भी बच्चों का बुखार से मरना देश की 70 साल की विफलताओं में से एक है। हमें मिलकर इन विफलताओं से निपटने के हल खोजने होंगे।”

आयुष्मान भारत को मजबूत करने पर जोरः मोदी ने कहा, “हमें इस मसले को गंभीरता से लेना होगा। मैं लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हूं और मुझे पूरा यकीन है कि जल्द ही हम इस संकट से बाहर निकलेंगे। यह समय ‘आयुष्मान भारत’ (केंद्र की महात्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना) को और मजबूत बनाने का है। हम चाहते हैं कि हमारे देश के गरीबों को बढ़िया और उच्च गुणवत्ता का इलाज व स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं मिलें।

गोरखपुर में हुई मौतों को बताया था ‘प्राकृतिक आपदा’: 15 अगस्त 2017 (स्वतंत्रता दिवस) को राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम ने गोरखपुर और आसपास के 14 जिलों में जापानी इंसेफ्लाइटिस से हुई मौतों को प्राकृतिक आपदा कहा था। बता दें कि इस मामले में 175 बच्चों की मौत हुई थी। वहीं, बीआरडी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से हुई लगभग 75 मौतों पर भी खेद प्रकट किया था।

बयान से बिहार का क्या है ‘सियासी कनेक्शन’?: केंद्र में दूसरी बार मोदी सरकार की ताजपोशी के साथ ही जेडीयू के साथ बीजेपी की दूरियां बढ़ती चली गईं। पहले तो जेडीयू ने सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया। बाद में जब बिहार में मंत्रिंमडल का विस्तार हुआ, तब उसमें बीजेपी को जगह नहीं मिली। इससे कयास लगाए जाने लगे कि दोनों दलों के बीच चीजें ठीक नहीं हैं। हालिया दिनों में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के इस्तीफे की खबरें भी चर्चा में हैं। इसी बीच, पीएम के जाता बयान ने अटकलों को और हवा दे दी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App