बिहार में मंत्रिमंडल के विस्तार की तारीख का एलान हो गया है। नई सरकार के गठन के बाद अब 7 मई को नई कैबिनेट का गठन होगा। अभी तक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और दोनों उपमुख्यमंत्री वियज चौधरी और बिजेंद्र यादव के ही पास सारे विभागों की जिम्मेदारी थी। हालांकि, अब नए लोगों को विभिन्न विभागों की जिम्मेदापी सौंपी जाएगी। इससे जनता के हितों में किए जा रहे कार्यों को और गति मिलने की संभावना है।

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने मंगलवार को कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार गांधी मैदान में होगा। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे।

हालिया विधानसभा चुनावों पर बोलते हुए सरावगी ने स्वच्छ और निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया की सराहना की और इसके लिए चुनाव आयोग को श्रेय दिया। उन्होंने टीएमसी द्वारा लगाए गए अनियमितताओं और मतदाता दमन के आरोपों को खारिज कर दिया।

सरावगी ने कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव परिणामों में इतिहास रच दिया है। पार्टी पश्चिम बंगाल में अपनी पहली सरकार बनाने जा रही है, जबकि असम में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने लगातार तीसरी बार जीत हासिल की है।

गौरतलब है कि नई सरकार के गठन के बाद से ही कैबिनेट विस्तार का इंतजार किया जा रहा था। अब देखने वाली बात यह रहेगी कि कितने नए चेहरे टीम सम्राट में शामिल किए जाते है। साथ ही कौन सी पार्टी को कौन-से और कितने विभाग सौंपे जाते हैं। सूत्रों के अनुसार प्रमुख पुराने चेहरों को जगह मिलना तय है, लेकिन इस बार फोकस नए चेहरों पर भी रहेगा।

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बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए उन्होंने गुरुवार को राज्य की पुलिस और संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिया कि वो समय पर सख्त कार्रवाई करें। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोग (आपराधी) किसी के नहीं होते। वैसे अपराधी जो महिला और खासकर नाबालिगों के खिलाफ अपराध करते हैं, “उसको माला पहनाने की जरूरत नहीं है, उस पर माला चढ़ाइये।” पूरी खबर पढ़ें…