गुरुवार को बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। जनसत्ता पर आपने सम्राट कैबिनेट का जाति और वर्ग आधारित समीकरण कल पढ़ा। आज हम आपको बताएंगे कि बिहार की पूर्ववर्ती जदयू-राजद महागठबंधन सरकार ने अपने मंत्रिमंडल में किन सामाजिक समीकरण को साधा था। दोनों गठबंधनों के कैबिनेट की सामाजिक संरचना की तुलना से साफ होता है कि वे किन-किन समुदायों को प्राथमिकता देते हैं।

साल 2022 की महागठबंधन सरकार में यादव समुदाय का सबसे मजबूत प्रतिनिधित्व था। इसका कारण यह की गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल का एक बड़ा वोट बैंक यादव ही हैं। इसी का नतीजा रहा कि कैबिनेट तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, सुरेंद्र यादव, रामानंद यादव और ललित कुमार यादव समेत कुल 8 यादव चेहरे सरकार में शामिल थे। वहीं, दूसरे पार्टी के दूसरे बड़े वोट बैंक मुस्लिम समुदाय के वोटर्स हैं। ऐसे में सत्ता में आने के बाद उन्हें कैबिनेट में तवज्जो दी गई। मुस्लिम समुदाय को चार मंत्री पद मिले थे। इसके अलावा कुर्मी, कुशवाहा और दलित वर्ग को भी अहम हिस्सेदारी दी गई थी।

महागठबंधन सरकार का MY पर फोकस

महागठबंधन सरकार के कैबिनेट में सामान्य वर्ग की हिन्दू जातियों की मौजूदगी सीमित रही थी। राजपूत, भूमिहार और ब्राह्मण समुदाय से कुछ ही चेहरे मंत्रिमंडल में शामिल थे। उस समय सरकार का मुख्य फोकस MY (मुस्लिम-यादव) समीकरण पर था।

वहीं, 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए जीत और 2026 में भारतीय जनता पार्टी के नेता सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद जातीय और वर्गीय संतुलन की नई तस्वीर सामने आई। इस बार गैर-यादव OBC, अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) और सामान्य वर्ग को ज्यादा प्रतिनिधित्व दिया गया। अनुसूचित जाति को प्रतिनिधित्व देने के मामले में वर्तमान सरकार थोड़ी उदार रही। वहीं राजद का मुख्य आधार माने जाने के बावजूद सम्राट मंत्रिमंडल में दो यादव नेताओं को भी जगह मिली है।

सम्राट कैबिनेट में सबसे अधिक राजपूत मंत्री

राजपूत समाज से चार मंत्री, भूमिहार समाज से तीन और ब्राह्मण समाज से दो नेताओं को सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में जगह मिली। वहीं मल्लाह, निषाद, धानुक, गंगोता और कानू जैसी अत्यंत पिछड़ी जातियों को भी प्रतिनिधित्व देकर NDA ने बड़ा सामाजिक संदेश देने की कोशिश की। दलित समुदाय में भी पासवान, रविदास, मुसहर और पासी समाज को प्रतिनिधित्व दिया गया। हालांकि, मुस्लिम समुदाय से सिर्फ जमा खान को मंत्री बनाया गया है।

आमतौर पर बिहार में अगड़ी जातियों, ईबीसी, गैर-यादव ओबीसी (खासकर वैश्य समुदाय) को भाजपा का मूल वोटर माना जाता है। जबकि कोईरी, कुर्मी, कुशवाहा और अति पिछड़ा वर्ग (EBC) को जनता दल यूनाइटेड का वोटर्स माना जाता है। इसके अलावा, नीतीश सरकार की नीतियों (जैसे- महिला आरक्षण, साइकिल योजना, शराबबंदी) के कारण महिला मतदाता भी पार्टी का एक बड़ा और स्थिर वोट बैंक मानी जाती हैं।

वर्ग के आधार पर दोनों मंत्रिमंडलों की तुलना

वर्गजेडीयू+आरजेडी+अन्य (2022-23)जेडीयू+बीजेपी+अन्य (2026)
अति पिछड़ा वर्ग (OBC)13 मंत्री
(नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, आलोक कुमार मेहता, सुरेंद्र यादव, रामानंद यादव, ललित कुमार यादव, चंद्रशेखर, जितेंद्र कुमार राय, अनिता देवी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, जयंत राज)
11 मंत्री
(सम्राट चौधरी, रामकृपाल यादव, बिजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, निशांत कुमार, भगवान सिंह कुशवाहा, दीपक प्रकाश, प्रमोद चंद्रवंशी, दिलीप जायसवाल, अरुण शंकर प्रसाद, श्वेता गुप्ता)
अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC)3 मंत्री
(समीर कुमार महासेठ, मदन सहनी, शीला मंडल)
7 मंत्री
(रमा निषाद, मदन सहनी, दामोदर रावत, शीला मंडल, बुलो मंडल, रामचंद्र प्रसाद, केदार गुप्ता)
सामान्य वर्ग (GC)5 मंत्री
(सुधाकर सिंह, कार्तिकेय सिंह, लेसी सिंह, विजय कुमार चौधरी, संजय झा)
9 मंत्री
(संजय टाइगर, श्रेयसी सिंह, लेसी सिंह, संजय कुमार सिंह, विजय चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र, मिथलेश तिवारी, नीतीश मिश्रा)
मुस्लिम4 मंत्री
(शाहनवाज आलम, इसराइल मंसूरी, जमा खान, आफाक आलम)
1 मंत्री
(जमा खान)
अनुसूचित जाति (SC)6 मंत्री
(कुमार सर्वजीत, सुरेंद्र राम, अशोक चौधरी, सुनील कुमार, मुरारी गौतम, संतोष कुमार सुमन)
7 मंत्री
(लखेंद्र पासवान, संजय पासवान, नंद किशोर राम, सुनील कुमार, रत्नेश सदा, संतोष कुमार सुमन, अशोक चौधरी)

जाति के आधार पर दोनों मंत्रिमंडलों की तुलना

जाति जेडीयू+आरजेडी+अन्य (2022-23)जेडीयू+बीजेपी+अन्य (2026)
यादव8 मंत्री
(तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, सुरेंद्र यादव, रामानंद यादव, ललित कुमार यादव, चंद्रशेखर, जितेंद्र कुमार राय, बिजेंद्र प्रसाद यादव)
2 मंत्री
(रामकृपाल यादव, बिजेंद्र प्रसाद यादव)
कुर्मी2 मंत्री
(नीतीश कुमार, श्रवण कुमार)
2 मंत्री
(श्रवण कुमार, निशांत कुमार)
कुशवाहा / कोइरी3 मंत्री
(आलोक कुमार मेहता, अनिता देवी, जयंत राज)
3 मंत्री
(सम्राट चौधरी, भगवान सिंह कुशवाहा, दीपक प्रकाश)
राजपूत2 मंत्री
(सुधाकर सिंह, लेसी सिंह)
4 मंत्री
(संजय टाइगर, श्रेयसी सिंह, लेसी सिंह, संजय कुमार सिंह)
भूमिहार2 मंत्री
(कार्तिकेय सिंह, विजय कुमार चौधरी)
3 मंत्री
(विजय चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र)
ब्राह्मण1 मंत्री
(संजय झा)
2 मंत्री
(मिथलेश तिवारी, नीतीश मिश्रा)
निषाद / मल्लाह1 मंत्री
(मदन सहनी)
2 मंत्री
(रमा निषाद, मदन सहनी)
सूढ़ी1 मंत्री
( मंत्री समीर कुमार महासेठ)
2 मंत्री
(अरुण शंकर प्रसाद, श्वेता गुप्ता)
धानुक1 मंत्री
(शीला मंडल)
2 मंत्री
(दामोदर रावत, शीला मंडल)
पासवान / दुसाध1 मंत्री
(कुमार सर्वजीत)
2 मंत्री
(लखेंद्र पासवान, संजय पासवान)
रविदास / चमार2 मंत्री
(सुरेंद्र राम, सुनील कुमार)
2 मंत्री
(नंद किशोर राम, सुनील कुमार)
चंद्रवंशी1 मंत्री
(प्रमोद चंद्रवंशी)
कलवार1 मंत्री
(दिलीप जायसवाल)
गंगोता1 मंत्री
(बुलो मंडल)
तेली1 मंत्री
(रामचंद्र प्रसाद)
मुसहर1 मंत्री
(संतोष कुमार सुमन)
2 मंत्री
(रत्नेश सदा, संतोष कुमार सुमन)
पासी1 मंत्री
(अशोक कुमार चौधरी)
1 मंत्री
(अशोक कुमार चौधरी)
मुस्लिम4 मंत्री
(शाहनवाज आलम, इसराइल मंसूरी, जमा खान, आफाक आलम)
1 मंत्री
(जमा खान)

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गुरुवार को बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। सम्राट कैबिनेट में कुल 32 नए मंत्रियों को जगह मिली है। सम्राट चौधरी के सीएम पद की शपथ के साथ ही दो डिप्टी सीएम ने शपथ ली थी। इस तरह सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत कुल 35 सदस्य हो गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…