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चुनावी साल में नीतीश ले रहे ताबड़तोड़ फैसले, सहयोगी बीजेपी बना रही भुनाने का प्लान, मैदान में उतारे ‘सप्तऋषि’

बिहार सरकार ने कई फ्लैगशिप योजनाएं शुरू की हैं। जिसके लिए सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री ग्रामीण गली नाली पक्कीकरण निश्चय योजना और मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना को जून माह के अंत तक पूरा हो जाना चाहिए।

बिहार के सीएम नीतीश कुमार। (फाइल फोटो)

बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। हालांकि कोरोना वायरस माहमारी और बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों के देश के अलग अलग हिस्सों से वापस गृह राज्य लौटन के कारण प्रदेश में राजनैतिक गतिविधियां फिलहाल थमी दिखाई दे रही हैं। सत्ताधारी जदयू और भाजपा कोरोना संकट के बीच प्रशासनिक कामों के जरिए आगामी चुनावों में राजनैतिक फायदा लेने की कोशिश कर रहे हैं। कोरोना संकट के कारण सत्ताधारी पार्टियां अपनी रणनीति को फिर नए सिरे से डिजाइन कर रही हैं।

इसके तहत सरकार ने कई फ्लैगशिप योजनाएं शुरू की हैं। जिसके लिए सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री ग्रामीण गली नाली पक्कीकरण निश्चय योजना और मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना को जून माह के अंत तक पूरा हो जाना चाहिए। इन योजनाओं के द्वारा सरकार ग्रामीण इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर और गांवों में सभी घरों में साफ पानी की सप्लाई बेहतर करने की दिशा में काम करेगी।

बिहार सरकार ने एक स्किल मैपिंग योजना भी लॉन्च की है, जिसके तहत राज्य में वापस लौटने वाले मजदूरों को स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वह राज्य में चल रहे विभिन्न प्रोजेक्ट में लगाए जा सकें। राज्य के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने द इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में यह जानकारी दी।

प्रवासी मजदूरों के लौटने से बिहार के ग्रामीण इलाकों में भी कोरोना फैलने का खतरा पैदा हो गया है। इसके लिए बिहार सरकार TrueNet नामक एक डायग्नोस्टिक मशीन इंस्टॉल कर रही है, जो कि ट्यूबरक्लोसिस के मरीजों की पहचान करेगी। सरकार की योजना है कि हर जिले में यह मशीन लगवायी जाएगी।

सुशील मोदी का कहना है कि माहमारी के इस संकट में उनकी सरकार का ध्यान अभी चुनावों पर नहीं है, लेकिन भाजपा नेताओं का मानना है कि सरकार की इन कोशिशों से जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाएगा और इससे उनकी पार्टी की जनता के बीच अच्छी छवि बनेगी।

बीते कुछ सप्ताह के दौरान बिहार भाजपा ने कई सामाजिक कार्य शुरू किए हैं, जिनमें जरूरतमंद लोगों को राशन बांटना, कम्यूनिटी किचन से लोगों को खाना देना और गरीबों को मेडिकल सहायता देना जैसे काम शामिल हैं।

बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय जायसवाल ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि बूथ लेवल पर पार्टी की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हमने सप्तऋषि कार्यक्रम की शुरूआत की है। जिसके तहत सात बूथों के विभिन्न वर्ग के प्रतिनिधि पीएम मोदी के 31 मई को आयोजित होने वाले ‘मन की बात’ कार्यक्रम में शामिल होंगे।

इसके साथ ही पार्टी विपक्षी नेताओं तेजस्वी यादव और लोजपा नेता चिराग पासवान के राज्य से नदारद रहने को भी मुद्दा बना सकती है। बता दें कि ये दोनों ही नेता लंबे समय से पटना से बाहर थे।

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