पश्चिम बंगाल विधानसभा के स्पीकर रथिंद्र बसु ने टीएमसी के बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी को टीएमसी विधायक दल का नेता मान लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विधानसभा स्पीकर ने ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में विपक्ष के नेता के कमरे की चाबी सौंप दी है। ऋतब्रत बनर्जी ने बताया कि उनके साथ 58 विधायक हैं और दो अन्य विधायक जल्द ही उनके पाले में आ सकते हैं।
ऋतब्रत बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमने दावा किया कि विधायी दल इन विधायकों का है। ये वे दो-तिहाई विधायक हैं जिन्होंने तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर जीत हासिल की है। पश्चिम बंगाल राज्य विधानसभा के अध्यक्ष ने हमारे इस दावे को स्वीकार कर लिया है। इसलिए हम एक-एक कदम करके, एक कदम और आगे बढ़ना चाहते हैं…”
उन्होंने ़बताया कि विधानसभा में जावेद खान, संदीपन साहा, सबिना यासमीन और शिउली साहा विधानसभा में टीएमसी विधायक दल के उपनेता होंगे। ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि संसदीय कानून के अनुसार, पश्चिम बंगाल विधानसभा में वे ही असली और मुख्य विपक्ष हैं। ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि वे चाहते हैं कि ममता बनर्जी से पार्टी की चीफ एडवाइजर का रोल अदा करें।
‘अभिषेक बनर्जी की कोई भूमिका नहीं रहेगी’
एक सवाल के जवाब में ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि अभिषेक बनर्जी का विधायक दल से कोई लेना-देना नहीं है। उनकी कोई भूमिका नहीं रहेगी। अभिषेक बनर्जी के साथ बंगाल की जनता का कोई संबंध नहीं है। अगर संबंध होता तो 26 दिनों तक छिपकर नहीं रहते है। हम लोग न तो राज्य सरकार से सुरक्षा लेंगे और न ही केंद्र सरकार से।
उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी का पश्चिम बंगाल की 18वीं विधानसभा से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने एक सांसद के तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए एक पत्र भेजा। यह स्पीकर का विशेषाधिकार है। वह क्या करेंगे, यह नहीं पता… अगर ऐसी कोई बात हुई है और वह साबित हो जाती है, तो इस विधानसभा के स्पीकर अभिषेक बनर्जी की भारत की लोकसभा से सदस्यता रद्द करने के लिए लिख सकते हैं।
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भाजपा ने दावा किया है कि यह हमला टीएमसी के अंदर चल रही गुटबाजी का नतीजा है। दोनों राजनीतिक दल एक-दूसरे को हमले का जिम्मेदार बता रहे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
