असम में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने पार्टी छोड़ दी है। कांग्रेस पार्टी ने भूपेन बोरा को कुछ दिन पहले ही राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन की बातचीत आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी थी। भूपेन बोरा पिछले साल जून तक असम कांग्रेस के अध्यक्ष थे। उनके बाद गौरव गोगोई यह पद संभाल रहे हैं।

भूपेन बोरा ने सोमवार सुबह कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता त्याग दी। उन्होंने कहा, “यह मेरे आत्मसम्मान का सवाल है और मैंने पार्टी के काम करने के तरीके को लेकर अपनी चिंताओं के बारे में केंद्रीय नेतृत्व को भी बता दिया है… जब हमारी गाड़ी मजुली गई, अगर पार्टी यह फैसला ही नहीं कर पा रही कि कौन जाएगा और कौन नहीं जाएगा, तो ऐसे में पार्टी का भविष्य क्या होगा? मैंने यह बात भी केंद्रीय नेतृत्व को बता दी है।”

भूपेन बोरा यहां पिछले शुक्रवार को राज्य के मजुली में हुई कांग्रेस की रैली का जिक्र कर रहे थे। इस रैली में कांग्रेस की अगुवाई गौरव गोगोई ने की। यहां असम विधानसभा में विपक्ष के नेता देबव्रत सैकिया और सांसद रकीबुल हुसैन भी मौजूद थे।

1994 से कांग्रेस के साथ थे भूपेन बोरा

भूपेन बोरा साल 1994 से कांग्रेस पार्टी के साथ थे। वह दो बार राज्य की बिहपुरा विधानसभा सीट से  विधायक चुने गए और उन्हें साल 2021 में असम कांंग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। कांग्रेस पार्टी ने उन्हें राज्य की कमान विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद दी थी।

जब तक भूपेन बोरा असम कांग्रेस के अध्यक्ष रहे, राज्य में पार्टी को लगातार नुकसान होता रहा और कई नेताओं व कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ दी। असम कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने बीजेपी के खिलाफ एक गठबंधन तैयार करने का टारगेट बनाया। इसके लिए उन्होंने Raijor Dol, Asom Jatiyo Parishad, CPI, CPI(M) और All Party Hill Leaders Conference जैसे दलों को साथ लाने की कोशिश की। वह साल 2023 से इस पर काम कर रहे थे।

बीजेपी को रोकने के लिए बनाया फ्रंट

भूपेन बोरा द्वारा की गई कोशिशों का परिणाम यह रहा कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव में राज्य में एक एंटी-बीजेपी फ्रंट बना लेकिन इसके अलावा गठबंधन की कोशिशें ज्यादा सफल नहीं हुईं। उपचुनावों में सीटों के बंटवारे को लेकर समझौते टूट गए। दूसरी पार्टियों का आरोप है कि कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व सीटों के बंटवारे में उन्हें जगह देने के लिए तैयार नहीं था। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भी यह मुद्दा अब तक विवाद का विषय बना हुआ है।

भले ही असम में इस समय कांग्रेस की कमान गौरव गोगोई के हाथों में हो लेकिन पार्टी द्वारा भूपेन बोरा को हाल में ही सहयोगी दलों से गठबंधन बढ़ाने के लिए बड़ी जिम्मेदारी दी गई थी। भूपेन बोरा के सहयोगी दलों से अच्छे संबंध भी हैं। वे पिछले कुछ वर्षों से उनसे बातचीत करते रहे हैं। हालांकि अब उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि गठबंधन की बातचीत में उन्हें सीमित भूमिका दिए जाने से वे असंतुष्ट थे।

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कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि पुलिस को असम के सीएम द्वारा एक खास समुदाय को निशाना बनाने और सोशल मीडिया पर खराब वीडियो शेयर करने पर खुद संज्ञान लेना चाहिए। मेरे नाबालिग बच्चों पर की गई टिप्पणियों के लिए असम के सीएम के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। पढ़िए पूरी खबर