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कर्नाटक के बाद गोवा में भी कांग्रेस पर संकट, 15 में से 10 विधायकों ने पार्टी तोड़ी, बीजेपी में विलय

कांग्रेस से नाता तोड़ने वाले विधायकों में अतानासियो मोन्सेराते, जेनिफर मोन्सेराते, फ्रांसिस सिल्वेरा, फिलिप नेरी रॉड्रिग्स, सी डियाज, विल्फ्रेड डीसा, नीलकांत हलारंकार और इसिडोर फर्नांडीज शामिल हैं।

Author पणजी | July 10, 2019 9:29 PM
कांग्रेस के 10 विधायकों के पाला बदलने के बाद अब विधानसभा में उसके पास सिर्फ पांच विधायक बचे हैं। (PHOTO-ANI)

कर्नाटक के बाद गोवा में भी कांग्रेस को झटका लगा है। कांग्रेस के 15 विधायकों में से 10 ने अलग गुट बनाते हुए उसका बीजेपी में विलय कर लिया है। इसके साथ ही राज्य विधान सभा में अब बीजेपी विधायकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। नेता विपक्ष चन्द्रकांत कावलेकर के नेतृत्व में विधायकों का समूह बुधवार (10 जुलाई) की शाम विधानसभा अध्यक्ष राजेश पाटनेकर से मिला और उन्हें कांग्रेस से नाता तोड़ने की जानकारी देते हुए एक पत्र सौंपा।

कांग्रेस से नाता तोड़ने वाले विधायकों में अतानासियो मोन्सेराते, जेनिफर मोन्सेराते, फ्रांसिस सिल्वेरा, फिलिप नेरी रॉड्रिग्स, सी डियाज, विल्फ्रेड डीसा, नीलकांत हलारंकार और इसिडोर फर्नांडीज शामिल हैं। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत शाम करीब 7.30 बजे विधायकों के विधानसभा परिसर पहुंचने से पहले वहां मौजूद थे। इसके अलावा विधानसभा के उपाध्यक्ष माइकल लोबो भी वहीं पर थे।

गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने कहा कि कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए 10 विधायकों ने पार्टी में शामिल होने की कोई शर्त नहीं रखी है। सीएम ने कहा, “इन लोगों ने राज्य के विकास में सहयोग करने के लिए बिना किसी शर्त के बीजेपी में शामिल होने की इच्छा जताई थी। इनके दल की अगुवाई विधान सभा में नेता विपक्ष कर रहे थे।”

कांग्रेस के 10 विधायकों के पाला बदलने के बाद अब विधानसभा में उसके पास सिर्फ पांच विधायक बचे हैं। विधानसभा में भाजपा के सबसे ज्यादा 17, गोवा फॉरवर्ड पार्टी के तीन, तीन निर्दलीय विधायक और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) तथा महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के एक-एक विधायक हैं। कावलेकर ने इस कदम का कारण पूछे जाने पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि अगर क्षेत्र में विकास नहीं करते तो लोगो को क्या जवाब देते।

उन्होने कांग्रेस द्वारा सरकार नहीं बना पाने पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि ऐसे कई मौके आए, जब राज्य में कांग्रेस की सरकार बन सकती थी लेकिन वरिष्ठ नेताओं के गुटबाजदी की वजह से ऐसा नहीं हो सका।  कावलेकर ने कहा कि वो विकास के खातिर बीजेपी के साथ आ गए हैं।

(भाषा इनपुट्स के साथ)

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