पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के तीन प्रमुख सहयोगियों को एक साथ हटा दिया है। मंत्री के निजी सचिव (प्राइवेट सेक्रेटरी) का तबादला ‘प्रशासनिक आधार’ पर किया गया है। वहीं, एक अतिरिक्त निजी सचिव (एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी) को उनके मूल विभाग में समय से पहले वापस भेज दिया गया है जबकि दूसरे अतिरिक्त निजी सचिव की नियुक्ति समाप्त कर दी गई है।
इन तीनों फैसलों की जानकारी मंत्रालय ने 3 जुलाई को जारी अलग-अलग आदेशों के जरिए दी। इस बदलाव को लेकर द इंडियन एक्सप्रेस ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
मंत्रालय के आदेश में कहा गया है, ”श्री अमर सिंह, भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) 2010 बैच जो पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री के निजी सचिव के रूप में कार्यरत थे। उन्हें प्रशासनिक आधार पर उनके मूल कैडर यानी राजस्व विभाग में वापस भेजा जाता है। उन्हें तत्काल प्रभाव से उनके वर्तमान दायित्वों से कार्यमुक्त किया जाता है।”
किस-किस की हुई छुट्टी
भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी अमर सिंह को साल 2021 में भूपेंद्र यादव का निजी सचिव (प्राइवेट सेक्रेटरी) नियुक्त किया गया था। उस समय यादव श्रम एवं रोजगार मंत्री थे। अमर सिंह पहले उप सचिव (डिप्टी सेक्रेटरी) थे और वर्ष 2024 में उन्हें निदेशक (डायरेक्टर) के पद पर पदोन्नत किया गया था।
डीओपीटी के 25 जून 2024 के आदेश के मुताबिक, अमर सिंह का कार्यकाल 7 सितंबर 2026 तक था लेकिन मंत्री का कार्यकाल समाप्त होने या नए आदेश जारी होने पर इसे पहले भी खत्म किया जा सकता था।
एक अन्य आदेश में कहा गया है कि मंत्री के अतिरिक्त निजी सचिव (एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी) शैलेश कुमार सिंह को समय से पहले उनके मूल विभाग में वापस भेजा गया है। उन्हें ‘विस्तारित कूलिंग-ऑफ’ का प्रावधान भी दिया गया है और तत्काल प्रभाव से उनके मौजूदा दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि शैलेश कुमार सिंह तुरंत अपने मूल विभाग यानी कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) में रिपोर्ट करें।
वहीं, तीसरे आदेश के अनुसार मंत्री के एक अन्य अतिरिक्त निजी सचिव आयुष सरन की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।
अवर सचिव विभूति पंजियार द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया है कि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के 2 जुलाई 2026 के कार्यालय ज्ञापन तथा सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के आधार पर आयुष सरन की अतिरिक्त निजी सचिव के पद पर नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाती है। उन्हें भी तत्काल प्रभाव से उनके दायित्वों से कार्यमुक्त कर दिया गया है।
बढ़ता समुद्री जलस्तर और गर्मी, भारत के तटीय क्षेत्रों पर मंडराता बड़ा खतरा
जलवायु परिवर्तन को वैश्विक ताप से जुड़ी समस्या के रूप में परिभाषित किया गया है। इससे निपटने के लिए दुनिया भर में कई नियम-कानून बनाए गए, प्रतिबद्धताएं दिखाई गईं, लेकिन जब उन पर अक्षरश: अमल की बारी आई, तो कदम पीछे खींच लिए गए। इसका असर अब भारत समेत कई देशों के समुद्री तटक्षेत्रों में साफतौर पर दिखने लगा है।
