ताज़ा खबर
 

BHU में अब दलित प्रोफेसर निशाने पर! लगाया आरोप- मुस्लिम स्कॉलर फिरोज का साथ देने पर हुई गालीगलौच, मारपीट की कोशिश

दलित प्रोफेसर ने मुस्लिम संस्कृत विद्वान डॉक्टर फिरोज खान की असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर नियुक्ति का समर्थन किया था।

नई दिल्ली | December 10, 2019 7:34 AM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) के छात्रों के एक समूह पर सोमवार को आरोप लगा कि उन्होंने संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान (SVDV) फैकल्टी के एक दलित प्रोफेसर को दौड़ाया और उनसे मारपीट की कोशिश की। आरोप है कि इस दलित प्रोफेसर ने मुस्लिम संस्कृत विद्वान डॉक्टर फिरोज खान की असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर नियुक्ति का समर्थन किया था। फिरोज खान की नियुक्ति को लेकर SVDV फैकल्टी के छात्र नवंबर महीने से ही प्रदर्शन कर रहे हैं। विरोध करने की वजह फिरोज का मुस्लिम होना है।

प्रोफेसर शांति लाल साल्वी ने आरोप लगाया कि जब वह फैकल्टी के दफ्तर से बाहर निकल रहे थे तो छात्रों के एक समूह ने जातिगत टिप्पणियां करते हुए उन्हें गालियां देनी शुरू कर दीं। इसके साथ ही हमला करने के मकसद से उन्हें दौड़ाना शुरू कर दिया। चीफ प्रॉक्टर ओपी राय को लिखी चिट्ठी में साल्वी ने फैकल्टी के ही एक सीनियर प्रोफेसर पर छात्रों को उनके खिलाफ उकसाने का आरोप लगाया है।

घटना के पीछे की वजह पूछे जाने पर साल्वी ने द इंडियन एक्सप्रेस से बताया कि पूरा मामला फिरोज खान की नियुक्ति से जुड़ा हुआ है। उनके मुताबिक, यूनिवर्सिटी के ही एक अन्य प्रोफेसर ने छात्रों को उनके खिलाफ भड़काया है। उन्होंने बताया, ‘मेरे विभाग में एक ऐसे प्रोफेसर हैं जो कभी एचओडी हुआ करते थे। बीते कुछ सालों से वह मुझे परेशान कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों के बीच यह अफवाह फैला दी है कि बीएचयू से पीएचडी करने वाली मेरी पत्नी मुस्लिम हैं और फिरोज खान की बहन हैं। उन्होंने छात्रों से यह भी कहा कि मैं ही वो शख्स हूं जो फिरोज को यहां लेकर आया। इसी वजह से छात्रों ने मुझ पर हमला किया।’

साल्वी ने कहा कि वह हमला करने वालों के खिलाफ केस दर्ज कराएंगे। सोमवार शाम साल्वी के साथ यूनिवर्सिटी के तकरीबन 20 प्रोफेसरों ने वाइस चांसलर राकेश भटनागर और चीफ प्रॉक्टर राय से मुलाकात की और मामले के बारे में चर्चा की। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी के मुताबिक, जांच कमेटी के निष्कर्षों के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। उधर, खान की नियुक्ति को लेकर एसवीडीवी में सोमवार को भी प्रदर्शन जारी रहा। छात्रों ने मंगलवार से शुरू होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं के बहिष्कार की भी धमकी दी है।

Next Stories
1 Jharkhand polls: सीआरपीएफ दल ने लगाया ‘जानवरों जैसा सलूक’ किए जाने का आरोप, वॉटर कैनन का पानी पीने को मजबूर
2 अंतरराष्ट्रीय सिद्धांत और नागरिकता पर बहस
3 नागरिकता संशोधन विधेयक: पूर्वोत्तर को समझाने की चुनौती
ये पढ़ा क्या?
X