ताज़ा खबर
 

BHU में ज्वाइनिंग के बाद से विरोध झेल रहे मुस्लिम प्रोफेसर थे अंडरग्राउंड, अब घर गए तो समर्थन में उतरा छात्रों का दूसरा ग्रुप

7 नवंबर को नियुक्ति होने के बाद से फिरोज खान अभी तक यूनिवर्सिटी में क्लास नहीं ले पाए हैं। फिरोज खान का फोन भी स्विच ऑफ आ रहा है। संस्कृत विद्या धरम विज्ञान के डीन विंधेश्वरी मिश्रा का कहना है कि रजिस्ट्रार ऑफिस में जॉइनिंग के बाद से डॉ. फिरोज खान का कुछ पता नहीं है।

Author लखनऊ | Updated: November 21, 2019 11:04 AM
छात्रों ने बुधवार को यूनिवर्सिटी के लंका गेट से रविदास गेट तक मार्च किया। (फोटोः इंडियन एक्सप्रेस)

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान में दो सप्ताह पहले असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में नियुक्त होने वाले फिरोज खान के समर्थन में अब छात्रों का दूसरा समूह उतर आया है। इससे पहले नियुक्ति को लेकर विरोध झेल रहे मुस्लिम प्रोफेसर फिरोज अंडरग्राउंड हो गए थे।

बताया जा रहा है कि वह बुधवार को अपने गृह नगर राजस्थान के जयपुर के लिए रवाना हो गए। इससे पहले संस्कृत विभाग में नियुक्ति के बाद छात्र लगातार फिरोज खान का विरोध कर रहे थे। बताया जा रहा है कि इसकी पीछे सिर्फ यही वजह है कि वह मुस्लिम हैं। इस बीच फिरोज खान को छात्रों के एक अन्य धड़े का समर्थन मिल रहा है।

7 नवंबर को नियुक्ति होने के बाद से फिरोज खान अभी तक यूनिवर्सिटी में क्लास नहीं ले पाए हैं। फिरोज खान का फोन भी स्विच ऑफ आ रहा है। संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान के डीन विंधेश्वरी मिश्रा का कहना है कि रजिस्ट्रार ऑफिस में जॉइनिंग के बाद से डॉ. फिरोज खान का कुछ पता नहीं है। चूंकि वह यूनिवर्सिटी नहीं आ रहे हैं ऐसे में कोई भी नहीं जानता है कि वह कहां हैं।

हालांकि, विभागाध्यक्ष ने मुझे बुधवार को बताया कि फिरोज अपने होमटाउन जयपुर गए हैं। इस तरह भी कुछ खबरें चल रही हैं कि उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया है। यह सही नहीं है। फिरोज खान ने अपने विभागाध्यक्ष से कहा है कि वह अपने होमटाउन जा रहे हैं।

दो दिन पहले इस पूरे घटनाक्रम से हताश फिरोज खान ने उम्मीद जताई थी कि छात्र मान जाएंगे। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा था कि अपनी पूरी जिंदगी मैं संस्कृत पढ़ता रहा और मुझे कभी यह महसूस नहीं हुआ कि मैं मुस्लिम हूं लेकिन अब जब मैं पढ़ाने का प्रयास कर रहा हूं अचानक ही यह मुद्दा उठ गया है।

इस बीच फिरोज खान के समर्थन में उतरे छात्रों ने यूनिवर्सिटी के लंका गेट से रविदास गेट तक मार्च किया। यह शांतिपूर्ण मार्च जॉइंट एक्शन कमेटी की तरफ से निकाला गया। इसमें एनएसयूआई, यूथ फॉर स्वराज और आइसा जैसे छात्र संगठन शामिल थे। छात्रों ने कहा कि यह मार्च पूर्व नियोजित नहीं था। छात्रों का कहना था कि यदि यह मुद्दा हल नहीं होता है तो वह बृहस्पतिवार से व्यापक पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 Weather Forecast Today Highlights: कश्मीर-लद्दाख-हिमाचल में होगी भारी बारिश, जानें देश में मौसम का हाल
2 RBI के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल ने अरुण जेटली को तीन-तीन बार चेताया था- इलेक्टोरल बॉन्ड से बढ़ेगा भ्रष्टाचार, नोटबंदी का मकसद भी होगा फेल
3 शिवसेना- NCP पहुंची सुप्रीम कोर्ट, कहा- महाराष्ट्र के राज्यपाल की कार्रवाई मनमानी, दुर्भावनापूर्ण
जस्‍ट नाउ
X