भवानीपुर उपचुनाव: निगम चुनाव जीतने में भी नाकाम रहीं नेता को उम्मीदवार बनाएगी भाजपा, जानिए कौन हैं प्रियंका

बीजेपी सूत्रों ने बताया कि यूं तो पार्टी नंदीग्राम चुनाव की तरह ही इस सीट पर भी कड़ा मुकाबला देना चाहती थी लेकिन कोई नेता इस सीट पर सीएम ममता के खिलाफ लड़ने को राजी नहीं हो रहा था।

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भवानीपुर सीट पर उपचुनाव में ममता बनर्जी और प्रियंका टिबरेवाल का मुकाबला होगा। (फाइल फोटो)

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीएम पद पर बने रहने के लिए भवानीपुर सीट पर हो रहा उपचुनाव हर हाल में जीतना ही होगा। सीएम ममता को चुनौती देने के लिए बीजेपी ने अपना उम्मीदवार चुन लिया है। ममता को टक्कर देने के लिए वकील प्रियंका टिबरेवाल को चुना गया है। बता दें कि भवानीपुर सीट पर 30 सितंबर को मतदान होगा।

बीजेपी सूत्रों ने बताया कि यूं तो पार्टी नंदीग्राम चुनाव की तरह ही इस सीट पर भी कड़ा मुकाबला देना चाहती थी लेकिन कोई नेता इस सीट पर सीएम ममता के खिलाफ लड़ने को राजी नहीं हो रहा था। बता दें कि प्रियंका टिबरेवाल हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भी एंटली सीट से बीजेपी उम्मीदवार थीं। लेकिन तृणमूल के स्वर्ण कमल ने उन्हें हरा दिया था। प्रियंका को साल 2015 में भी ‌‌बीजेपी ने कोलकाता नगर निगम चुनाव में उम्मीदवार बनाया था, तब भी उन्हें TMC के उम्मीदवार ने हरा दिया था।

बता दें कि बनर्जी हाल में हुए विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर भाजपा के सुवेंदु अधिकारी से हार गयी थीं। उन्हें मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए इस उपचुनाव में जीत हासिल करनी होगी। बनर्जी को पांच नवंबर तक राज्य विधानसभा की सदस्यता प्राप्त करनी होगी।

वरिष्ठ पार्टी नेता सोभनदेव चट्टोपाध्याय ने भवानीपुर से तृणमूल कांग्रेस विधायक के रूप में इस्तीफा दिया है ताकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उपचुनाव लड़कर राज्य विधानसभा की सदस्य बनने का रास्ता साफ हो। इस साल चट्टोपाध्याय ने इस सीट पर भाजपा के उम्मीदवार और अभिनेता रुद्रनील घोष को करीब 28,000 वोटों से हराया था।

बता दें कि ममता बनर्जी 2011 से दो बार भवानीपुर सीट पर चुनाव जीत चुकी हैं। गौरतलब है कि साल 2011 में भी ममता ने भवानीपुर से उपचुनाव लड़ा था। उस वक्त उन्होंने विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ा था। उपचुनाव में उन्हें यहां 77.46 प्रतिशत वोट मिले थे। बाद में 2016 के चुनाव में ममता बनर्जी को इस सीट से लगभग 48 प्रतिशत वोट मिले थे।

मालूम हो कि यह उपचुनाव मुर्शिदाबाद जिले की शमसेरगंज और जंगीपुर विधानसभा सीटों पर चुनाव के साथ 30 सितंबर को होगा। इन दोनों सीटों पर हाल में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान नहीं हो सका था। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 13 सितंबर है, जबकि 14 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 16 सितंबर को चुनावी लड़ाई से नाम वापस लेने की आखिरी तारीख है। तीनों सीटों के लिए मतगणना तीन अक्टूबर को होगी। उसी दिन नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।

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