ताज़ा खबर
 

2019 लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी इस्तेमाल करेगी टी-20 फार्मूला, जानिए क्या है प्लान

टी-20 के अलावा भाजपा ने 'हर बूथ दस यूथ', नमो एप संपर्क पहल और बूथ टोलियों के जरिए मोदी सरकार की उपलब्धियों को घर-घर पहुंचाने का कार्यक्रम तैयार किया है।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल फोटो)

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) 2014 जैसे नतीजे 2019 के लोकसभा चुनाव में दोहराने के लिए ‘टी-20’ फॉर्मूला इस्तेमाल करेगी। यह क्रिकेट में आजमाया जाने वाला टी-20 नहीं है। यहां राजनीति में टी-20 से मतलब है कि बीजेपी का एक कार्यकर्ता 20 घरों में जाकर चाय पिएगा। वह उस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों की जानकारी उन घरों के सदस्यों को देगा।

टी-20 के अलावा भाजपा ने ‘हर बूथ दस यूथ’, नमो एप संपर्क पहल और बूथ टोलियों के जरिए मोदी सरकार की उपलब्धियों को घर-घर पहुंचाने का कार्यक्रम तैयार किया है। भाजपा ने सांसदों, विधायकों, स्थानीय एवं बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से अपने अपने क्षेत्रों में जनता को सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए कहा है।

एक बीजेपी नेता ने इस बारे में कहा, “पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे अपने क्षेत्र के हर गांव में जाएं और कम से कम 20 घरों में जाकर चाय पिएं।” ‘टी-20’ पहल का मतलब जनता से सीधे संवाद स्थापित करना है। आपको बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी ने आक्रामक प्रचार शैली अपनाई थी। खासतौर पर उस दौरान सूचना तकनीक का इस्तेमाल हुआ था और थ्री-डी रैलियां आकर्षण का केंद्र थीं।

थ्री-डी रैलियों में एक ही वक्त पर कई स्थानों पर बैठे लोगों के साथ एक साथ जुड़ने की पहल की गई थी। सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जोड़ने और चाय-पर-चर्चा की पहल भी की गई थी। अगले लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी अपने उस अभियान को और व्यापक स्तर पर ले जाना चाहती है।

बीजेपी ने बूथ स्तर के लिए एक विस्तृत रणनीति बनाई है, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे नरेंद्र मोदी एप से अधिकाधिक लोगों को जोड़ें। पार्टी सूत्रों ने बताया कि अगले सप्ताह नरेंद्र मोदी एप का नया प्रारूप आने वाला है, जिसमें पहली बार कार्यकर्ताओं के कार्यों के संबंध में भी एक खंड होगा। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ता क्या करने वाले हैं, उसका एक खंड एप में होगा। साथ ही बताया जाएगा कि लोगों को कैसे जोड़ना है। एप में कुछ साहित्य, छोटे छोटे वीडियो और ग्राफिक्स के रूप में सूचनाएं भी होंगी।

(भाषा इनपुट के साथ)

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App