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भारत में COVAXIN के पहले चरण के परिणाम की आई रिपोर्ट, नहीं दिखे साइड इफेक्ट्स, WHO बोला- एशिया-प्रशांत में 2021 के मध्य तक मिलेगी वैक्सीन

माना जा रहा है कि भारत अपनी निर्माण क्षमता की वजह से आने वाले समय में कोरोनावायरस वैक्सीन का हब बनकर उभरने वाला है।

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | December 17, 2020 1:53 PM
भारत में कोरोनावायरस वैक्सीन आने की तारीख निश्चित हुई। (फोटो- AP)

भारत बायोटेक की संभावित कोरोना वैक्सीन- COVAXIN के पहले फेज के ट्रायल की अंतरिम रिपोर्ट आई है। इसमें सामने आया है कि एक तरफ जहां यह वैक्सीन लोगों की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है, वहीं किसी भी वॉलंटियर में इसके गंभीर साइड इफेक्ट नजर नहीं आए। वैक्सीन के पहले फेज के क्लीनिकल ट्रायल में 375 लोगों ने हिस्सा लिया था। इनमें से सिर्फ एक में कुछ साइड इफेक्ट पाए गए। हालांकि, इसकी वजह वैक्सीन नहीं थी।

जानकारी के मुताबिक, टेस्ट में शामिल हुए 375 में से 300 लोगों को कोरोना वैक्सीन दी गई थी, जबकि 75 लोगों को प्लेसिबो (नमक का पानी) दिया गया था। इनमें से एक वॉलंटियर को 30 जुलाई को वैक्सीन दी गई थी। हालांकि, वह पांच दिन बाद ही कोरोनावायरस से संक्रमित हो गया था। उसे 15 अगस्त को डिस्चाप्ज किया गया था, हालांकि, इसकी वजह वैक्सीन नहीं थी। दूसरी तरफ कुछ भागीदारों ने कहा कि इंजेक्शन लेने के बाद उन्हें दर्द हुआ था, लेकिन यह समस्या भी जल्द ही ठीक हो गई।

बता दें कि भारत में इस वक्त कोरोनावायरस की तीन संभावित वैक्सीन अंतिम स्टेज के ट्रायल में हैं। इनमें ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी-एस्ट्रा जेनेका की कोविशील्ड, रूस की स्पूतनिक वैक्सीन और देसी कोवैक्सिन सबसे आगे हैं। इनमें कोविशील्ड का भारत में निर्माण करने वाली सीरम इंस्टीट्यूट और कोवैक्सिन की निर्माता कंपनी भारत बायोटेक ने तो आपात मंजूरी के लिए आवेदन भी कर दिया है। वहीं ब्रिटेन और अमेरिका में मंजूरी पाने वाली फाइजर ने भी भारत में आपात मंजूरी के लिए आवेदन किया है।

माना जा रहा है कि भारत अपनी निर्माण क्षमता की वजह से आने वाले समय में कोरोनावायरस वैक्सीन का हब बनकर उभरने वाला है। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 2021 के मध्य या अंत तक ही वैक्सीनेशन शुरू हो पाएगा। WHO के क्षेत्रीय निदेशक डॉक्टर तकेशी कसई ने इंडोनेशिया में रिपोर्टरों से बातचीत के दौरान कहा कि सुरक्षित और प्रभावी वैक्सीन का निर्माण एक बात है और उन्हें पर्याप्त मात्रा में बनाना और सभी लोगों तक पहुंचाना दूसरी।

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