Bharat Bandh 2020 Date, Timings: ट्रेड यूनियनों ने बुलाया है भारत बंद, बैंक से लेकर ये सारी सेवाएं आज रहेंगी ठप

Bharat Bandh on 8th January 2020, Trade Union Strike Tomorrow on 8th January 2020: ट्रेड यूनियनों ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हिंसा तथा अन्य विश्वविद्यालय परिसरों में इसी तरह की घटनाओं की आलोचना की है और देशभर में छात्रों तथा शिक्षकों को समर्थन देने की घोषणा की है।

Bharat Bandh 2020: ट्रेड यूनियनों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल में 25 करोड़ लोगों के शामिल होने का दावा किया है। (Express Photo: Shuaib Masoodi)

Bharat Bandh on 8th January 2020: मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने आज यानी 8 जनवरी, 2020 को भारत बंद बुलाया है। इन संगठनों का दावा है कि इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में 25 करोड़ लोग हिस्सा लेंगे और केंद्र में आसीन NDA सरकार की ‘जन विरोधी’ नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे। देश की राजधानी दिल्ली के अलावा अन्य जगहों पर भी इस बंद का असर सुबह सात बजे से देखने को मिल सकता है।

ट्रेड यूनियनों में इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, एसईडब्ल्यूए, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ और यूटीयूसी सहित विभिन्न संघ और फेडरेशन शामिल हैं। इन सभी ने पिछले साल सितंबर में आठ जनवरी, 2020 को हड़ताल पर जाने का ऐलान किया था।

10 यूनियनों के संयुक्त बयान में कहा गया था, ‘‘आठ जनवरी को आगामी आम हड़ताल में हम कम से कम 25 करोड़ लोगों की भागीदारी की उम्मीद कर रहे हैं। उसके बाद हम कई और कदम उठाएंगे और सरकार से श्रमिक विरोधी, जनविरोधी, राष्ट्र विरोधी नीतियों को वापस लेने की मांग करेंगे।”

बयान के मुताबिक, “श्रम मंत्रालय अब तक श्रमिको को उनकी किसी भी मांग पर आश्वासन देने में विफल रहा है। श्रम मंत्रालय ने दो जनवरी, 2020 को बैठक बुलाई थी। सरकार का रवैया श्रमिकों के प्रति अवमानना का है।”

आधिकारिक बयान में यह भी बताया गया कि छात्रों के 60 संगठनों और कुछ विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों ने भी हड़ताल में शामिल होने का फैसला किया है। उनका एजेंडा बढ़ी फीस और शिक्षा के व्यावसायीकरण का विरोध करने का है।

ट्रेड यूनियनों ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हिंसा के साथ अन्य विश्वविद्यालय परिसरों में इसी तरह की घटनाओं की आलोचना की है और देशभर में छात्रों और शिक्षकों को समर्थन देने की घोषणा की है।

यूनियनों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि जुलाई, 2015 से एक भी भारतीय श्रम सम्मेलन का आयोजन नहीं हुआ है। इसके अलावा यूनियनों ने श्रम कानूनों की संहिता बनाने और सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण का भी विरोध किया है।

आप पर कैसे पड़ सकता है असर?

1- चूंकि, विभिन्न बैंक इन ट्रेड यूनियनों में शामिल हैं, लिहाजा बैंक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। जानकारी के मुताबिक, छह बैंक यूनियन का हिस्सा हैं।

2- बैंक बंद होने के कारण कैश की किल्लत हो सकती है। यह चीज एटीएम पर भी देखने को मिल सकती है। हो सकता है कि यह समस्या अगले दिन यानी गुरुवार को भी रहे, क्योंकि बंद के अगले दिन एकदम से एटीएम नहीं भरे जाएंगे।

3- कैश निकासी, जमा नहीं हो सकेगा। चेक भी नहीं क्लियर हो सकेगी। वैसे, ऑनलाइन बैंकिंग की सुविधा रहेगी, जबकि निजी बैंकों पर इस हड़ताल का असर नहीं नजर आएगा।

4- कुछ रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि दिल्ली के सीमावर्ती इलाके बंद के दौरान सील रहेंगे। हालांकि, इस बारे में फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

(भाषा इनपुट्स के साथ)

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