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सात साल पहले बेंगलुरु से लापता हुए बिजनेस मैनेजमेंट ग्रेजुएट ने भारत से की लोगों की ISIS में भर्ती, आतंकियों की तरफ से लड़ने में हुई मौत

एनआईए ने हाल ही में बेंगलुरु से एक डॉक्टर को आईएस से संबंधों का खुलासा होने के बाद गिरफ्तार किया था, उसने कबूल किया है कि मसूद की 2013 में ही एक कैंप में मौत हो गई थी।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र बेंगलुरु | Updated: September 13, 2020 9:33 AM
ISIS, Bengaluru Youth, India2013-14 में भारत से बड़ी संख्या में युवक आईएस में शामिल होने के लिए इराक और सीरिया भाग गए थे। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

सात साल पहले कर्नाटक के बेंगलुरु से लापता हुए एक अमीर परिवार के युवक की सीरिया में इस्लामिक स्टेट के लिए लड़ते हुए मौत हो गई। पुलिस और जांच एजेंसियों को पहले ही बिजनेस मैनेजमेंट में ग्रेजुएट युवक- फैज मसूद के आईएस में शामिल होने का शक था। हालांकि, अब तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई थी। सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में इस्लामिक स्टेट से संबंध रखने के आरोप में बेंगलुरु से पकड़े गए एक डॉक्टर ने मसूद की सीरिया में मौत की पुष्टी की है।

जांच में सामने आया है कि 2013-14 में बेंगलुरु से सीरिया भागा मसूद सीरिया और इराक में आईएस से करीब से जुड़ा था और वह बेंगलुरु के युवकों को संगठन में शामिल कराने का अहम संपर्क था। एनआईए ने जिस डॉक्टर- अब्दुर रहमान को सीरिया के खोरासान प्रांत में आईएस से जुड़े एक केस में गिरफ्तार किया है, वह भी 2013-14 में उन युवकों में शामिल था, जो बेंगलुरु छोड़कर आईएस में शामिल होने सीरिया भाग गए थे।

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की रहमान और एक अन्य डॉक्टर साथी से पूछताछ में सामने आया है कि वे दोनों मसूद से 2013 में सीरिया के बॉर्डर से लगने वाले शहर अट्मे में मिले थे। रहमान और उसका साथी दोनों ही तब मेडिकल स्टूडेंट थे। उन्होंने बताया कि मसूद की एक कैंप में हुए एक हमले में मौत में गई थी। इसके बाद उन्होंने भी आईएस में शामिल होने के इरादे खत्म किए और सीरिया से कुछ ही दिन में वापस भारत लौट आए

मसूद की मौत के बाद भारत लौट आए थे उसके साथी: जांचकर्ताओं का कहना है कि रहमान और उसका साथी, जिन्होंने भारत में डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी की उन दोनों ने मसूद की मौत की बात कबूली है। साथ ही खुद के घायल होने और आईएस लड़ाकों में अंदरुनी लड़ाई के बारे में भी जानकारी दी है, जिससे आतंकी संगठन में शामिल होने से उनका मोहभंग हो गया। रहमान के एक कथित साथी, जो कि एयरोनॉटिकल इंजीनियर है, ने जांच एजेंसियों को बताया कि मसूद ने ही सीरिया जाकर आईएस जॉइन करने के लिए उसकी यात्रा में मदद की।

परिवार ने पुलिस को नहीं दी थी मसूद के लापता होने की जानकारी: बता दें कि मसूद बेंगलुरु से भागने के बाद सितंबर 2013 में कतर पहुंच गया है। इसके बाद वह अचानक ही गायब हो गया। मसूद के परिवार ने कभी भी उसके गायब होने की खबर पुलिस को नहीं दी। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां 2014-15 में जब आईएस में शामिल होने वाले भारतीय युवकों के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही थीं, तब यह सामने आया कि मसूद वह व्यक्ति है, जो कि सीरिया में आतंकियों की तरफ से लड़ते हुए मारा गया।

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