बेंगलुरु की एक महिला पर IVF से पैदा हुई अपनी जुड़वा बच्चियों को पानी में डुबोकर मारने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि 40 वर्षीय महिला के खिलाफ मंगलवार को हत्या का मामला दर्ज किया गया है, जिसने कथित तौर पर अपनी तीन महीने की जुड़वां बेटियों को डुबोकर मार डाला। इसके बाद महिला ने अपने घर में आत्महत्या करने का प्रयास किया।
यह घटना मंगलवार दोपहर को तब सामने आई जब 50 वर्षीय रामलिंगप्पा वजरहल्ली स्थित अपने घर लौटे और उन्होंने एक कमरे का दरवाजा अंदर से बंद पाया। दरवाजा खोलने पर उन्होंने अपनी पत्नी उमादेवी को आत्महत्या का प्रयास करते हुए पाया। उनकी बेटियां भी उसी कमरे में मृत पाई गईं। उमादेवी को बचा लिया गया और इलाज के लिए शंकर अस्पताल ले जाया गया।
आत्महत्या करने से पहले बच्चियों को डुबो दिया
बच्चों की जांच करने वाले डॉक्टरों को संदेह था कि उनकी मौत डूबने से हुई है। रामलिंगप्पा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत हत्या का मामला दर्ज किया। पुलिस को संदेह है कि उमादेवी ने कथित तौर पर आत्महत्या करने से पहले बच्चियों को डुबो दिया था।
रामलिंगप्पा की शिकायत के अनुसार, निःसंतान इस दंपति ने आईवीएफ उपचार कराया था जिसके बाद उमादेवी ने 5 मई को जुड़वां बच्चियों को जन्म दिया। शिकायत में कहा गया है कि डिलिवरी के लगभग 1.5 महीने बाद उमादेवी ने बच्चियों की देखभाल में अरुचि दिखाना शुरू कर दिया और बार-बार कहा कि उन्हें आश्रम भेज देना चाहिए। उनके परिवार ने भी उनके व्यवहार में कथित बदलाव देखे।
बाद में उन्हें मनोरोग उपचार के लिए NIMHANS और रघुवनहल्ली स्थित एक केंद्र में ले जाया गया। एफआईआर के अनुसार, डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि उनका व्यवहार प्रसवोत्तर अवसाद (Postpartum Depression) और हार्मोनल परिवर्तनों (Hormonal Changes) से संबंधित हो सकता है।
टीचर ने पत्नी और बच्चों की हत्या की
वहीं, दूसरी ओर असम के धेमाजी जिले में बुधवार सुबह एक स्कूल के शिक्षक ने धारदार हथियार से अपनी पत्नी और दो बच्चों की कथित तौर पर हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि घर के अंदर हुए इस हमले में उसकी 13 वर्षीय बड़ी बेटी भी गंभीर रूप से घायल हो गई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमले की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन आर्थिक तंगी को संभावित कारण माना जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि घायल बेटी का स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। आरोपी गामचुक प्राइमरी स्कूल में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत है।
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मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में दस दिन के भीतर एक परिवार के चार बच्चों की मौत चर्चा का विषय बनी हुई है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, ये सभी बच्चे बीते 16 अगस्त को एक झरने में नहाए थे। इसके बाद से उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
