बेंगलुरु पुलिस ने रविवार को शहर में ड्यूटी पर तैनात एक ट्रैफिक पुलिस कांस्टेबल पर कथित तौर पर हमला करने के आरोप में JD(S) कर्नाटक के महासचिव मंजूनाथ को गिरफ्तार किया है। यह घटना हुलिमावु इलाके में घटी, जहां ट्रैफिक कांस्टेबल अरुण एम ने यातायात नियंत्रण करते हुए मंजूनाथ की कार को रुकने का इशारा किया।

पुलिस के अनुसार, क्रोधित मंजूनाथ अपनी गाड़ी से बाहर निकले, कांस्टेबल का कॉलर पकड़ा और उसे लात मारी। मंजूनाथ को गोत्तिगेरे मंजा के नाम से भी जाना जाता है। हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिससे जनता में आक्रोश फैल गया। कांस्टेबल अरुण एम की शिकायत के बाद, हुलिमावु पुलिस ने मामला दर्ज कर रविवार रात को मंजुनाथ को एक स्थानीय होटल से गिरफ्तार कर लिया। बाद में उन्हें अदालत में पेश किया गया।

ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट का मामला

वहीं, दूसरी ओर 12 अगस्त को हुई एक घटना में, केआर पुरम पुलिस ने एक कानून के छात्र और उसके साथियों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट करने के आरोप में मामला दर्ज किया। इस घटना का एक वायरल वीडियो सामने आया है जिसमें केआर पुरम ट्रैफिक पुलिस स्टेशन की महिला सब इंस्पेक्टर नयना डी कथित तौर पर लॉ स्टूडेंट हेमंत रेड्डी को थप्पड़ मारती नजर आ रही हैं।

सब-इंस्पेक्टर नयना द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, हेमंत रेड्डी और कार चालक श्रेयस के बीच सड़क पर कहासुनी हुई जिससे ट्रैफिक बाधित हो गया। जब कांस्टेबल मंजूनाथ ने अवरोध हटाने की कोशिश की तो दोनों ने कथित तौर पर उन्हें गाली-गलौज की। जब महिला अधिकारी ने हस्तक्षेप किया तो हेमंत ने कथित तौर पर उनके खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जबकि उसके परिवार के सदस्यों ने उन्हें अपमानित किया।

केआर पुरम पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला या बल प्रयोग करने, स्वेच्छा से चोट पहुंचाने और लोक सेवक को कर्तव्य निभाने से रोकने के इरादे से हमला या बल प्रयोग करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए पेश होने को कहा है।

यह भी पढ़ें: कर्नाटक में तीन तमिलों की मौत पर बवाल

कर्नाटक के कावेरी वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी इलाके में तीन तमिलों की गोली लगने से मौत हो गई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने कर्नाटक वन विभाग के अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर तीन तमिलों की हत्या की कड़ी निंदा की। साथ ही उन्होंने वन विभाग के इस घटना के स्पष्टीकरण को सही नहीं बताया। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें