कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में कैपजेमिनी कैंपस के अंदर चल रहे डे-केयर (क्रेच) बच्चों के देखभाल केंद्र) में बच्चों के साथ बुरे बर्ताव की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि इसके बारे में पहले दी गई शिकायतों को नजरअंदाज किया गया था और जिस कर्मचारी ने यह शिकायत की थी उसे नौकरी से निकाल दिया गया था।

साथ ही इस बात पर चर्चा हो रहा कि आखिर बच्चों के पैरेंट्स को यह बात क्यों नहीं पता चल सका। इस लेकर अधिकारी ने कहा कि बच्चों के डे-केयर में पैरेंट्स को जाने की अनुमति नहीं थी।

शिकायतकर्ता ने वीडियो भी दिखाए- तिलाकेश

जिला बाल संरक्षण इकाई के कानूनी और प्रोबेशन अधिकारी तिलाकेश कुमार ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया, 25 जून को चाइल्ड हेल्पलाइन पर एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने पहले भी डे-केयर में बच्चों के साथ बुरे बर्ताव की शिकायत की थी। तिलाकेश ने आगे कहा, “जब मैंने शिकायतकर्ता से बात की तो उन्होंने पूरी जानकारी दी और फिर जब मैं उनसे मिला तो उन्होंने वीडियो भी दिखाए।”

तिलाकेश कुमार की शिकायत पर एचएएल पुलिस थाने में ब्रुकफील्ड में कैपजेमिनी टेक्नोलॉजी सर्विसेज इंडिया लिमिटेड कैंपस में क्रेच इंचार्ज समेत पांच महिला कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

शिकायत के मुताबिक, उन्होंने रोते हुए बच्चों को डराने के लिए फ्रंट लोड वॉशिंग मशीन के अंदर बंद कर दिया, उन्हें उसके पाने से भरे ड्रम में जबरन डाल दिया। इसके अलावा, बाथरूम में बंद कर दिया और कई अन्य तरीकों से उन्हें शारीरिक रूप से डराया-धमकाया।

पांच महिलाओं पर एफआईआर दर्ज

पुलिस ने पांच महिलाओं पर बीएनएस के तहत आपराधिक धमकी देने और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत बच्चों के साथ क्रूरता करने का मामला दर्ज किया है।

वीडियो देखने के बाद तिलाकेश ने एलएएल पुलिस के साथ उस जगह का मुआयना किया, जहां 40 से 50 बच्चे थे। उन्होंने कहा कि वहां के बैकग्राउंड, रंग और स्टाफ के चेहरों का मिलान किया गया। तिलाकेश ने कहा कि विभाग ने घटना के बारे में और जानकारी पाने के लिए क्रेच चलाने वाली कंपनी से जानकारी मांगी है।

कैपजेमिनी ने कहा क्रेच का काम किसी तीसरी पार्टी को सौंपा गया था, इसलिए रोजमर्रा के कामकाज, जैसे स्टाफ की भर्ती और सैलरी देने में कंपनी की कोई सीधी भूमिका नहीं है।

माता-पिता को नहीं थी जानकारी

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि ऐसा लगता है कि बच्चों को पीटना, धमकाना और उन्हें प्रताड़ित करना आम बात हो गई थी। अधिकारी ने आगे कहा, “स्टाफ में इतनी संवेदनशीलता नहीं थी कि वे समझ सकें कि इन घटनाओं से बच्चों पर कितना गहरा मानसिक असर पड़ सकता है। ऐसा लगता है कि यह सब कुछ लंबे समय से चल रहा था और किसी ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया। सबसे अहम बात यह है कि इन बच्चों के माता-पिता, जो कैपजेमिनी के ही कर्मचारी हैं, उन्हें इन ज्यादतियों के बारे में बिल्कुल भी पता नहीं था।”

क्यों नहीं थी पैरेंट्स की जानकारी?

अधिकारी ने बताया कि कैपजेमिनी के कर्मचारियों को क्रेच में जाने की इजाजत नहीं थी, जिसकी वजह से शायद उनके बिना जानकारी के ही वहां दुर्व्यवहार होता रहा।

बुधवार को कैपजेमिनी ने कहा कि वह “एहतियाती कदम” के तौर पर बेंगलुरु में अपने कैंपस के अंदर मौजूद डे-केयर सेंटर को कुछ समय के लिए बंद कर रही है।

कंपनी ने एक बयान में कहा, “कैपजेमिनी के लिए अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों की सेहत, सुरक्षा और भलाई सबसे जरूरी है। हम संबंधित अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं और सच्चाई का पता लगाने की उनकी कोशिशों में उनकी मदद कर रहे हैं।”

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बेंगलुरु में स्थित कैपजेमिनी टेक्नोलॉजी सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के कैंपस के अंदर चल रहे डे-केयर (क्रेच) सेंटर में छोटे बच्चों के साथ कथित तौर पर मारपीट, डराने-धमकाने और क्रूर व्यवहार का मामला सामने आया है। इस मामले में बेंगलुरु शहर की पुलिस ने पांच महिला कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें