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भारत में ISIS के हमले का पहला मामला हो सकता है 2014 में बेंगलुरु में हुआ ब्‍लास्‍ट : NIA

अफरीदी ने कथित तौर पर एनआईए को बताया कि उसे कोकोनट ग्रोव रेस्‍तरां में धमाके का काम इसलिए सौंपा गया क्‍योंकि उसी शाम वहां एक इजरायली प्रतिनिधिमंडल आने वाला था।

Author बेंगलुरु | May 12, 2016 4:02 AM
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए)

28 दिसंबर 2014 को बेंगलुरु के पॉश एमजी रोड इलाके स्‍थ‍ित चर्च स्‍ट्रीट पर कोकोनट ग्रोव रेस्‍तरां में हुए धमाके में एक महिला की मौत हो गई थी। जनवरी में नेशनल इन्‍वेस्‍ट‍िगेशन एजेंसी और तेलंगाना पुलिस ने इस केस को सुलझाने का दावा करते हुए 30 साल के बेंगलुरु निवासी आलमजेब अफरीदी को गिरफ्तार किया था। मुख्‍य साजिशकर्ता से लगातार पूछताछ और जांच के बाद जांचकर्ताओं का अब मानना है कि चर्च स्‍ट्रीट में हुआ यह धमाका भारत में इस्‍लामिक स्‍टेट के हमले का पहला मामला हो सकता है।

अफरीदी पर आरोप है कि वह प्रतिबंधित संगठन सिमी से जुड़ा हुआ था। इसके अलावा वह 2008 में अहमदाबाद में हुए सीरियल धमाकों के मामले में भी आरोपी है। इन धमाकों में 56 लोगों की मौत हो गई थी। जांचकर्ताओं के मुताबिक, अफरीदी चर्च स्‍ट्रीट धमाके से महीनों पहले इंटरनेट के जरिए इस्‍लामिक स्‍टेट के संपर्क में आया और उसकी विचारधारा से प्रभावित हुआ। अफरीदी ने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया कि वह फेसबुक पर अब्‍दुल खान नाम के एक शख्‍स से प्रभावित हुआ। जांचकर्ताओं का मानना है कि भारतीय मूल का खान इस्‍लामिक स्‍टेट का एक स्‍वयंभू रिक्रूटर था। अपुष्‍ट रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसका असली नाम शरीफ अरमार था, जो दो हफ्ते पहले सीरिया में मारा गया।

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जांचकर्ताओं के मुताबिक, अफरीदी ने उन्‍हें बताया कि अब्‍दुल खान ने उसे एक भाषण ट्रांसलेट करने के लिए दिया, जो इस्‍लामिक स्‍टेट के सर्वोच्‍च लीडर अबू बकर अल बगदादी का था। इसके बाद, खान ने अफरीदी को एक डॉक्‍यूमेंट्स शेयरिंग साइट का एक्‍सेस दिया। अगली बार अफरीदी को कथित तौर पर एक ‘गंभीर’ काम दिया गया। यह काम था चर्च स्‍ट्रीट धमाके के लिए घरेलू चीजों का इस्‍तेमाल करके एक बम बनाना।

अफरीदी ने कथित तौर पर एनआईए को बताया कि उसे कोकोनट ग्रोव रेस्‍तरां में धमाके का काम इसलिए सौंपा गया क्‍योंकि उसी शाम वहां एक इजरायली प्रतिनिधिमंडल आने वाला था। चर्च स्‍ट्रीट ब्‍लास्‍ट के बाद अफरीदी को कथित तौर पर कोच्‍च‍ि और बेंगलुरु स्‍थ‍ित यहूदी केंद्रों की रेकी करने का काम दिया गया। नवंबर 2015 में बेंगलुरु स्थ‍ित इजरायली वीजा दफ्तर के बाहर लगी आग की घटना में कथित तौर पर अफरीदी का ही हाथ था। वारदात के बाद उसने वहां कथित तौर पर आईएसआईएस का झंडा भी छोड़ा था।

अफरीदी से पूछताछ से जुड़े एक सूत्र ने बताया, ‘अगर वीजा ऑफिस के सीसीटीवी फुटेज का मिलान चर्च स्‍ट्रीट धमाके के संदिग्‍ध की फुटेज से किया जाता तो पुलिस संदिग्‍ध को और पहले पकड़ जाने में कामयाब होती।’ अफरीदी ने भले ही जांचकर्ताओं के सामने कथित तौर पर इतने बड़े-बड़े दावे किए हों, लेकिन उसने फिलहाल कोर्ट के सामने कोई भी बयान नहीं दिया है।

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