West Bengal News: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को विधानसभा में घोषणा की कि एक सितंबर से पश्चिम बंगाल में सरकार के सभी स्तरों पर बंगाली भाषा अनिवार्य होगी। सीएम अधिकारी ने विधानसभा को बताया कि राज्य सरकार के सभी तरह के कम्युनिकेशन के लिए बंगाली मुख्य भाषा होगी। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के साथ होने वाला सरकारी कामकाज बंगाली और हिंदी, दोनों भाषाओं में किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से उन्हें भेजा गया एक पत्र सार्वजनिक किया। इसमें केंद्र ने बंगाली भाषआ के महत्व पर जोर दिया था।

पत्र में शाह ने सलाह दी कि बंगाली को ज्यादा प्रमुखता दी जानी चाहिए और प्रशासनिक और आधिकारिक ढांचे में इसकी सक्रिय तैनाती की सिफारिश की गई है। शाह ने केंद्र और राज्य सरकारों के बीच अंतरराज्यीय प्रशासनिक चैनलों के लिए हिंदी के उपयोग को बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ”यह फैसला राज्य की आधिकारिक प्रणाली में बंगाली भाषा के उपयोग को और मजबूत करने के लिए लिया गया है।” अधिकारी के अनुसार, सभी राज्य सरकार के विभागों, स्वायत्त एजेंसियों और प्रशासनिक स्तरों पर बंगाली में आधिकारिक संचार को मानकीकृत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

1993 की पुलिस फायरिंग पर रिपोर्ट

21 जुलाई को होने वाली सालाना ‘शहीद दिवस’ रैली से ठीक एक दिन पहले विपक्ष के खिलाफ अपना राजनीतिक हमला तेज करते हुए मुख्यमंत्री अधिकारी ने यह भी घोषणा की कि वह सोमवार शाम को 21 जुलाई आयोग की लंबे समय से पूरी रिपोर्ट जारी करेंगे।

यह जांच आयोग मूल रूप से 2011 में ममता बनर्जी के पहली बार मुख्यमंत्री बनने पर गठित किया गया था, ताकि 21 जुलाई 1993 को कोलकाता पुलिस की फायरिंग की जांच की जा सके। इसमें लेफ्ट फ्रंट सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान 13 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता मारे गए थे। आयोग ने दिसंबर 2014 में अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपी। इसमें निष्कर्ष निकाला गया कि इन मौतों के लिए लेफ्ट फ्रंट के किसी भी वरिष्ठ नेता या पुलिस अधिकारी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

यह घटना और आयोग के निष्कर्ष हाल ही में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दे के रूप में फिर से चर्चा में आए हैं। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और तृणमूल कांग्रेस के असंतुष्ट सदस्यों ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार की आलोचना की है कि उसने कथित तौर पर पूरी रिपोर्ट जारी नहीं की। वे इस घटना की नई जांच की मांग कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: बंगाल के 9 जिलों की 1,024 एकड़ जमीन BSF को सौंपी गई, यहां देखें पूरी लिस्ट

पश्चिम बंगाल सरकार ने भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के 172.6 किमी पर फेंसिंग करने के लिए 9 जिलों में 1,024.75 एकड़ ज़मीन बॉर्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स (BSF) को सौंप दी है। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार (14 जुलाई) को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद लंबे समय से रुके हुए बॉर्डर फेंसिंग के काम में एक बड़ी रुकावट को दूर करना और राष्ट्रीय सुरक्षा को मज़बूत करना है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…