bengal elections 2026 voting guide: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार (29 अप्रैल) को दूसरे चरण का मतदान होगा। बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को हुआ था। चुनाव आयोग ने वोटिंग प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए दूसरे चरण की वोटिंग से पहले कुछ प्रोटोकॉल्स में बदलाव किया है। विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को आएंगे। अगर आप भी वोट करने जा रहे हैं तो जान लें कि मतदान केंद्र पर जाते समय क्या साथ ले जाएं और क्या न ले जाएं…
- मोबाइल फोन्स: वोटिंग के दिन मोबाइल फोन ले जाने की सोच रहे हैं? अधिकतर मतदान केंद्रों पर वोटिंग कम्पार्टमेंट के अंदर ‘नो फोन’ की सख्त नीति लागू होती है। हालांकि कुछ बूथों पर मोबाइल जमा करने की सुविधा होती है। लेकिन फिर भी बेहतर है कि आप अपना फोन बाहर किसी विश्वसनीय व्यक्ति के पास या अपने वाहन में छोड़ दें। हालांकि, चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता अपने मोबाइल को मतदान केंद्र पर उपलब्ध मोबाइल डिपॉजिट सुविधा में सुरक्षित रूप से जमा कर सकते हैं और बिना किसी परेशानी के अपना वोट डाल सकते हैं।
- वोटर स्लिप साथ रखें: मतदान को आसान बनाने के लिए अब वोटर स्लिप में स्पष्ट (बोल्ड) सीरियल नंबर और पार्ट नंबर दिए जाते हैं जिससे आप अपनी जानकारी जल्दी ढूंढ सकें और बिना किसी परेशानी के मतदान कर सकें।
- राजनीतिक चिन्ह: ऐसे कैप, स्कार्फ या बैज ना पहनें जिन पर किसी भी राजनीतिक दल का प्रतीक चिन्ह छपा हो।
- स्मार्टवॉच: मोबाइल फोन्स की तरह ही स्मार्टवॉच को भी पोलिंग बूथ के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं है। लाइटर, माचिस या किसी भी प्रकार की नुकीली वस्तुएं सुरक्षा जांच के दौरान जब्त कर ली जाएंगी।
- पिलियन राइडिंग (दो पहिया पर पीछे बैठना): मतदान के दिन सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक परिवार के सदस्यों के लिए भी पिलियन राइडिंग पर रोक रहती है ताकि किसी तरह का दबाव या डर पैदा न हो। ग्रुप में बाइक चलाने से बचें। चुनाव से पहले पूरे राज्य में बाइक रैलियों पर पूरी तरह प्रतिबंध होता है और रात के समय दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर भी सीमाएं लागू रहती हैं।
- घर से निकलने से पहले ECINET ऐप का इस्तेमाल करें ताकि अपने सही मतदान केंद्र की पुष्टि कर सकें और यदि उपलब्ध हो तो ‘लाइव क्यू स्टेटस’ भी देख सकें। क्योंकि इस बार हर एक बूथ पर लगभग 1,200 मतदाताओं की व्यवस्था की गई है।
- मतदान केंद्र के अंदर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) या अपनी उंगली पर लगी स्याही के साथ सेल्फी या फोटो न लें। यह एक गंभीर कानूनी अपराध है और इससे आपका वोट रद्द हो सकता है व कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
- केवल वोटर स्लिप पर निर्भर न रहें। इसमें भले ही आपके सीरियल नंबर के लिए QR कोड हो लेकिन यह वैध पहचान पत्र नहीं है। आपके पास वोटर आईडी कार्ड या अनुमोदित 12 पहचान पत्रों में से कोई एक (जैसे आधार या पैन) होना अनिवार्य है।
- अगर आपका नाम अंतिम स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सूची में नहीं है तो मतदान करने की कोशिश न करें। भले ही आपने पहले मतदान किया हो लेकिन हाल ही में 20 लाख नामों की समीक्षा/हटाने की प्रक्रिया में आपका नाम शामिल है तो आपको मतदान की अनुमति नहीं मिलेगी।
- मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक है। अगर 6 बजे तक आप लाइन में हैं तो वहां से न जाएं। अगर आप निर्धारित समय तक कतार में खड़े है तो पीठासीन अधिकारी को आपको मतदान करने की अनुमति देनी होगी।

