पश्चिम बंगाल के नतीजों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का असर कैसे दिखा? हालांकि अंतिम आंकड़े अभी तय हो रहे हैं लेकिन दो ऐसे शुरुआती रुझान निकलकर सामने आए हैं जिन्हें जानना वाकई जरूरी है। बंगाल की जिन 20 सीटों पर सबसे अधिक नाम हटाए गए उनमें से 13 सीटें तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने जीतीं, 6 भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने और 1 सीट पर कांग्रेस ने कब्जा किया। वहीं 187 सीटों पर 5,000 से ज्यादा नाम हटाए गए। उनमें BJP ने 119 सीटें जीतीं या बढ़त बनाई।

इंडियन एक्सप्रेस द्वारा किए गए विश्लेषण से पता चलता है कि इन 187 सीटों (170 पर परिणाम घोषित और 17 पर बढ़त) में से 47 सीटों पर हटाए गए मतदाताओं की संख्या जीत के अंतर से ज्यादा थी।

बीजेपी की 119 सीटों में से 28 सीटों पर हटाए गए मतदाताओं की संख्या जीत के अंतर से ज्यादा थी। इन 28 में से 26 सीटें 2021 में टीएमसी ने जीती थीं।

इसी तरह TMC ने इन 187 में से 65 सीटों पर जीत दर्ज की या बढ़त बनाई। इनमें से 18 सीटों पर हटाए गए नाम जीत के अंतर से ज्यादा थे। इसके अलावा 2 सीटें कांग्रेस और 1 सीट आम जनता उन्नयन पार्टी ने जीती। सबसे ज्यादा नाम हटाए जाने वाली 20 सीटें इस प्रकार हैं:

सीट का नामडिलीट किए गए वोटों की संख्याविजेता
समसेरगंज74775 TMC
लालगोला55420TMC
भगवांगोला47493TMC
रघुनाथगंज46100TMC
मेटियाब्रुज39579TMC
फरक्का38222TMC
सूती37965TMC
मोथाबाड़ी37255TMC
जंगीपुर36581BJP
रतुआ 35573BJP
करंदीघी 31562BJP
गोलपोखर 31384TMC
मालतीपुर29489TMC
चोपड़ा27898TMC
सुजापुर 26829TMC
केतुग्राम 26780BJP
राजारहाट न्यू टाउन 24132TMC
बसीरहाट उत्तर 23900TMC
मानिकचक 23726BJP
मोंटेश्वर 23423BJP

पश्चिम बंगाल की कुल 293 सीटों के लिए सोमवार को परिणाम घोषित किए गए। वहीं फाल्टा सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान होगा।
आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने पिछले साल जून में पूरे देश में SIR का आदेश दिया था जिसकी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव से हुई और बाद में पश्चिम बंगाल समेत 9 अन्य राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में इसे लागू किया गया।

यह प्रक्रिया सामान्य वार्षिक और चुनाव-पूर्व विशेष सारांश पुनरीक्षण (Special Summary Revisions) से अलग थी। इसमें SIR की घोषणा के समय तक रजिस्टर्ड सभी मतदाताओं को फॉर्म भरना और अपनी पात्रता (जिसमें नागरिकता भी शामिल है) के प्रमाण देने जरूरी थे।

पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान कई अभूतपूर्व कदम उठाए गए जिनमें से कुछ सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर थे। अभी SC में इस प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की जा रही है।

इनमें से एक फैसला था- मतदाताओं की पात्रता तय करने के लिए न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति। अंतिम मतदाता सूची (फरवरी में प्रकाशित) के अनुसार 60.06 लाख (लगभग 8.5%) मतदाताओं को ‘विवादाधीन’ रखा गया। करीब 700 न्यायाधीशों द्वारा सुनवाई के बाद 27.16 लाख नाम हटा दिए गए। हटाए गए मतदाताओं की लाखों अपीलें अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित 10 अपीलीय न्यायाधिकरणों के पास लंबित हैं।

सीटडिलीट किए गए वोटों की संख्या2021 में विजेता2026 में विजेता2026 में मार्जिनअंतर
समसेरगंज74775AITCAITC7587-67188
लालगोाला55420AITCAITC18960-36460
भागवंगोला47493AITCAITC564078914
रघुनाथगंज46100AITCAITC40555-5545
मेटियाबुरुज39579AITCAITC8787948300
फरक्का38222AITCINC8193-30029
सूती37965AITCAITC12357-25608
मोथाबारी37255AITCAITC10496-26759
जांगीपुर36581AITCBJP10542-26039
रतुआ35573AITCBJP32562-3011
करनदिघी31562AITCBJP19869-11693
गोलपोखर31384AITCAITC8379052406
मालतीपुर29489AITCAITC5974730258
चोपड़ा27898AITCAITC6912441226
सूजापुर26829AITCAITC6028733458
केतुग्राम26780AITCBJP27610830
राजारहाट न्यू टाउन24132AITCAITC2074-22058
बशीरहाट उत्तर23900AITCAITC5727033370
मानिकचक23726AITCBJP13938-9788
मोंटेश्वर23423AITCBJP14798-8625

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