ओडिशा पुलिस ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के दो चुनाव अधिकारियों पर कथित तौर पर हमला करने के आरोप में 23 महिलाओं सहित कम से कम 72 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि स्थानीय लोगों को शक था कि गलती से उनके गांव में घुस आए चुनाव अधिकारी बच्चे का अपहरण करने वाले हो सकते हैं।
पुलिस के अनुसार, सुमित हाजरा और सोम हंसदा बैंक कर्मचारी थे जिन्हें पश्चिम बंगाल के नयाग्राम पुलिस स्टेशन क्षेत्र के बालियागरिया ब्लॉक में एसआईआर की निगरानी के लिए माइक्रो ऑब्जर्वर के तौर पर तैनात किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि वे बुधवार को गलती से पास के राजनगर गांव में घुस गए, जो ओडिशा के बालासोर जिले के रायबानिया पुलिस स्टेशन क्षेत्र में आता है।
चुनाव अधिकारियों के साथ मारपीट की गई
बालासोर के एडिशनल एसपी निरंजन बेहरा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “अपनी निर्धारित जगहों तक जाने के लिए कोई परिवहन सुविधा न मिलने पर, दोनों अधिकारियों ने स्कूल ड्यूटी पर तैनात एक ऑटो रिक्शा से उन्हें नयाग्राम ले जाने का अनुरोध किया। ऑटो चालक ने उनका अनुरोध ठुकरा दिया। जब वे वैकल्पिक परिवहन का इंतजार कर रहे थे, तभी किसी ने इलाके में बच्चा अपहरणकर्ताओं की गतिविधि की अफवाह फैला दी। कम्युनिकेशन गैप की कमी की वजह से गांव वालों ने दोनों चुनाव अधिकारियों को घेर लिया और उनके साथ बेरहमी से मारपीट की।”
बेहरा ने बताया कि रायबानिया पुलिस स्टेशन के दो पुलिसकर्मी चुनाव अधिकारियों को बचाने के लिए गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की और उन्हें बंधक बना लिया। आरोप है कि जब लोकल पुलिस इंस्पेक्टर गांव में आए और उन्होंने ग्रामीणों से चुनाव अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को छोड़ने का आग्रह किया तो ग्रामीणों ने उनकी बात नहीं मानी।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे
हालात पर काबू पाने के लिए गांव में ज्यादा पुलिस फोर्स तैनात की और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायल चुनाव अधिकारियों को बचाकर स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। बालासोर के एडिशनल एसपी ने बताया कि इस संबंध में दो मामले दर्ज किए गए हैं, एक चुनाव अधिकारियों द्वारा और दूसरा पुलिस द्वारा और 100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई है। वीडियो फुटेज की जांच के बाद पुलिस ने 72 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए रायबानिया पुलिस स्टेशन में ज्यादा सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
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