बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार खत्म हो चुका है। 29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग है और 4 मई को नतीजे आएंगे। बंगाल में विधानसभा का चुनाव प्रचार चर्चा में रहा। टीएमसी और बीजेपी के दिग्गजों ने पूरी ताकत से प्रचार किया। टीएमसी से सांसद सायोनी घोष चुनाव प्रचार के दौरान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं। सायोनी घोष की रैलियों में बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ती थी।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के बाद सबसे अधिक भीड़ सायोनी घोष की रैलियों में देखी गई। सायोनी घोष की रैलियों में देखा गया कि जब भी वह हेलीकॉप्टर या गाड़ी से कहीं जाती थीं, तो बड़ी संख्या में लोग उन्हें देखने और मिलने के लिए आते थे। सोशल मीडिया पर भी सायोनी काफी एक्टिव हैं और फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर लगातार अपने कार्यक्रमों से जुड़ी विडियोज को डालती रही हैं।

सायोनी ने गीतों के जरिए बीजेपी पर कसा तंज

अपने चुनाव प्रचार के दौरान सायोनी घोष बंगाली कवियों की लाइनों का खूब इस्तेमाल करती थी। वहीं बीजेपी पर तंज कसने के लिए हिंदी फिल्म के गाने भी गुनगुनाए। एक चुनावी रैली में सायोनी घोष ने बीजेपी पर तंज कसते हुए गीत गाया और कहा, “भाजपा के लोग आते हैं तो कहते हैं ‘तुम बिन दिल नहीं लगता’ (एक फिल्मी गीत के बोल) लेकिन जब चुनाव खत्म हो जाता है तो कहते हैं ‘क्या हुआ तेरा वादा’ (फिल्मी गीत के बोल)।

सायोनी घोष का एक गीत सोशल मीडिया पर सबसे अधिक वायरल हुआ और बीजेपी ने इसको लेकर टीएमसी पर निशाना साधा। दरअसल मंच से सायानी घोष ने कहा था ‘मेरे दिल में काबा और आंखों में मदीना’ गीत गा रही थी। उन्होंने इसे बंगाली में गया था। जैसे ही वीडियो सामने आया, भाजपा ने टीएमसी पर हिंदुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगा दिया था। हालांकि इसके बाद सायोनी घोष का हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए भी वीडियो सामने आया।

अमति शाह ने भी घोष पर साधा निशाना

बीजेपी के बड़े नेताओं ने भी सायोनी घोष के चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए बयानों पर निशाना साधा। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने उनके गीतों को शासन की विफलताओं से लोगों का ध्यान भटकाने का नाटक बताया। उन्होंने कहा, “बंगाल को सुशासन चाहिए, तमाशा नहीं।” वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सायोनी घोष पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल की जनता नाटक और कविता से प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने कहा, “वे विकास, जवाबदेही और बदलाव चाहते हैं।”

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सायोनी घोष की प्रचार शैली आज के चुनावों में हो रहे व्यापक बदलाव को दर्शाती है। प्रदर्शन, तीखे संदेश और सांस्कृतिक संकेतों का मिश्रण युवा मतदाताओं से जुड़ने और डिजिटल पहुंच बढ़ाने का एक तरीका माना जाता है, खासकर तब जब सोशल मीडिया की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। वहीं दूसरी ओर आलोचकों का तर्क है कि प्रचार की यह शैली भीड़ को उत्साहित करती है और वायरल बनाती है, लेकिन इससे नीति और शासन पर विस्तृत चर्चा के लिए अक्सर कम गुंजाइश बचती है।

कौन हैं सायोनी घोष?

सायोनी घोष की राजनीति में एंट्री की कहानी भी काफी दिलचस्प है। सायोनी घोष अभी 33 साल की हैं और 31 साल की उम्र में ही लोकसभा सांसद बन गईं। 2021 के फरवरी महीने में सायोनी घोष ने टीएमसी ज्वाइन की थी। मार्च 2021 में सायोनी घोष को विधानसभा चुनाव से पहले आसनसोल से उम्मीदवार बनाया हालांकि वह बीजेपी की अग्निमित्रा पॉल से चुनाव हार गईं।

विधानसभा हारने के बाद बनीं सांसद

इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी में बड़ा फेरबदल करते हुए अभिषेक बनर्जी को टीएमसी का महासचिव बनाया था। तब अभिषेक बनर्जी टीएमसी यूथ के अध्यक्ष पद पर थे। इसके बाद अभिषेक बनर्जी ने सायोनी घोष को टीएमसी यूथ की कमान सौंप दी। हालांकि टीएमसी के लिए चुनाव हारने के बाद भी सायोनी घोष काम करती रहीं। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले सायोनी घोष को जादवपुर लोकसभा सीट से टीएमसी ने उम्मीदवार बनाया। यह सीट टीएमसी का गढ़ मानी जाती है और यहां से सायोनी घोष ने 2 लाख से अधिक वोटों से जीत हासिल की। ईडी सायोनी घोष से बंगाल एसएससी रिक्रूटमेंट मामले में पूछताछ भी कर चुकी है।

लोकसभा में भी उठाती हैं मुद्दे

2024 में लोकसभा सांसद बनने के बाद सायोनी घोष लोकसभा में बंगाल से जुड़े मुद्दे उठाती रही हैं। उनके भाषण लोगों का ध्यान आकर्षित करते रहे हैं। सायोनी घोष कई बार विवादों में भी रहीं। 2021 में सायोनी घोष का 2015 का एक ट्वीट सामने आया, जिसमें उन्होंने शिवलिंग पर विवादित टिप्पणी की थी। इसको लेकर त्रिपुरा के पूर्व गवर्नर तथागत रॉय ने एफआईआर दर्ज कराई थी और हिंदू भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया था। हालांकि सायोनी घोष का कहना है कि उनका अकाउंट हैक कर लिया गया था और उन्होंने इसके लिए माफी भी मांगी थी।

बंगाली फिल्मों में किया है काम

सायोनी घोष ने 50 से अधिक बंगाली फिल्मों में काम किया है और काफी लोकप्रिय कलाकार रही हैं। उन्होंने 2010 में अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत की थी, जबकि उनकी आखिरी फिल्म 2023 में आई थी। एक तरीके से 2023 के बाद सायोनी पूरी तरह से राजनीति पर फोकस कर रही हैं।

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पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले दक्षिण 24 परगना में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने टीएमसी और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी भ्रष्ट हैं, लेकिन ममता बनर्जी भी भ्रष्टाचार में कम नहीं हैं। पढ़ें पूरी खबर